Saturday, January 22, 2022
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किसी को दूध मलाई तो नहीं किसी को मुट्ठी भर लाई:ये हाल है हर घर नल योजना के नोडल विभाग जल निगम का

सोनभद्र। जनपद सोनभद्र भारत के उन चुनिंदा जिलों में से एक है जो विकास की दौड़ में काफी पीछे रह गए हैं तथा जहाँ लोगों को मूलभूत सुविधाओं की भी व्यवस्था नहीं है जिन्हें वर्तमान मोदी सरकार ने आकांक्षी जिला के नाम से पहचान दी है तथा इन आकांक्षी जिलों में जीवन के लिए मूलभूत सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान देकर इन जिलों को एक नई पहचान देने की सरकार की कोशिश जारी है। सरकार के इसी प्रयास के तहत जनपद सोनभद्र के आम जन तक शुद्ध पेयजलापूर्ति के लिए वर्तमान भाजपा सरकार की अति महत्वाकांक्षी परियोजना हर घर नल योजना का संचालन किया जा रहा है।लगभग 3200 करोड़ की हर घर नल योजना का उद्देश्य है कि जनपद के हर व्यक्ति को शुद्ध पीने के पानी का प्रबंध करना और इस परियोजना के देख रेख के लिए जल निगम को नोडल एजेंसी बनाया गया है।मिली जानकारी के मुताबिक नोडल एजेंसी जल निगम में परियोजना के देख रेख अर्थात पर्यवेक्षण के लिए सहायक अभियंताओ को समान रूप से कार्य का आवंटन न कर किसी को घर बैठने का इंतजाम तो किसी अकेले को आधी से अधिक परियोजनाओं के पर्यवेक्षण का आदेश थमा दिया गया है।

मिली जानकारी के मुताबिक सोनभद्र जल निगम की उस शाखा में जो हर घर नल योजना की नोडल है ,में कुल चार सहायक अभियंता वर्तमान में तैनात हैं जिसमें से एक सहायक अभियंता बीमारी के कारण छुट्टी लेकर गायब ही रहते हैं। ऐसे में कुल तीन सहायक अभियंताओं में पहले कार्य का आवंटन था ।इसी बीच एक सहायक अभियंता को जिले से बाहर किसी अन्य जिले में सम्बद्ध कर दिया गया था।इन सहायक अभियंता की जिले से बाहर किये गए सम्बद्धता को रद्द करने के लिए जल निगम के अधिशासी अभियंता ने अपने उच्चधिकारियों को लिखे पत्र में लिखा है कि उक्त सहायक अभियंता काफी वरिष्ठ व जिले की भौगोलिक परिस्थितियों से भिज्ञ हैं तथा इनके जिले से बाहर चले जाने से शासन की महत्वाकांक्षी परियोजना हर घर नल कनेक्शन के परिचालन पर प्रतिकूल असर पड़ेगा इसलिए इनकी अन्य जिले से सम्बद्धता समाप्त कर सोनभद्र में ही रहने दिया जाय।

शासन ने अधिशासी अभियंता के उक्त पत्र को संज्ञान में लेते हुए उक्त सहायक अभियंता की सम्बद्धता रद्द कर सोनभद्र में तैनाती के आदेश जारी कर दिए।परन्तु ऐसा क्या हो गया कि जिन सहायक अभियंता के जिले से चले जाने के बाद हर घर नल योजना के समय से पूर्ण होने में दिक्कत हो सकती थी ,जैसा कि अधिशासी अभियंता ने अपने उच्चाधिकारियों को लिखे पत्र में उल्लेख किया है,उनके अन्य जिले में किये गए सम्बद्धता को रद्द कर सोनभद्र में तैनाती आदेश जारी होते ही अधिशासी अभियंता ने इन्हें दिए सारे काम छीन कर इन्हें बेकाम कर दिया।अधिशासी अभियंता के उक्त नए कार्य के आवंटन पर अब सवाल उठने लगे हैं।जानकरों का कहना है कि उक्त बिना काम वाले सहायक अभियंता चूंकि जल्द ही विभाग से रिटायर होने वाले हैं अर्थात रिटायरमेंट के करीब होने के कारण डर वश विभागीय आकांक्षाओं की पूर्ति नहीं कर पा रहे हैं फलस्वरूप इनके सारे कार्य छीन कर उन सहायक अभियंताओं को दे दिए गए जो विभागीय आकांक्षाओं की पूर्ति कर सकते हैं।विभाग के उक्त कार्य आवंटन पर यह उक्ति सटीक बैठती है कि किसी को दूध मलाई तो को नहीं मुट्ठी भर लाई।ये हाल है मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट हर घर नल योजना के संचालन के लिए जिम्मेदार नोडल विभाग जल निगम का जो केवल विभागीय आकांक्षाओं की पूर्ति का साधन बन गयी है।

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