Sunday, August 7, 2022
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भाजपा से अलग हुए अवतार सिंह भड़ाना ने थामा रालोद का हाथ

यूपी विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश भाजपा में भगदड़ की स्थिति है. स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफे के बाद भाजपा को एक और बड़ा झटका लगा है. पार्टी के पूर्व सांसद व वरिष्ठ नेता अवतार सिंह भड़ाना जयंत चौधरी की पार्टी राष्ट्रीय लोकदल यानी रालोद में शामिल हो गए हैं. खुद रालोद के मुखिया जयंत चौधरी ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है. अवतार सिंह भड़ाना मुजफ्फरनगर के मीरपुर विधायक हैं. बताया जा रहा है कि 2019 लोकसभा चुनाव के बाद से ही वह पार्टी छोड़ने की तैयारी कर रहे थे.

लखनऊ । यूपी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में भगदड़ की स्थिति है. स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफे के बाद भाजपा को एक और बड़ा झटका लगा है. पार्टी के एक और वरिष्ठ नेता व मौजूदा विधायक ने पार्टी छोड़ दी है. पूर्व सांसद व वरिष्ठ नेता अवतार सिंह भड़ाना जयंत चौधरी की पार्टी राष्ट्रीय लोकदल यानी रालोद में शामिल हो गए हैं. खुद रालोद के मुखिया जयंत चौधरी ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है. अवतार सिंह भड़ाना मुजफ्फरनगर के मीरपुर से विधायक हैं. बताया जा रहा है कि 2019 लोकसभा चुनाव के बाद से ही वो पार्टी छोड़ने की तैयारी कर रहे थे.

नए साल में भाजपा को झटके पर झटका लग रहा है. एक दिन पहले ही स्वामी प्रसाद मौर्या ने कई विधायकों के समर्थन के साथ भाजपा को अलविदा कहा तो वहीं, बुधवार की सुबह भाजपा को एक और बड़ा झटका लगा. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बड़े जाट नेता के तौर पर माने जाने वाले विधायक अवतार सिंह भड़ाना ने भाजपा को छोड़ राष्ट्रीय लोकदल में शामिल हो गए. राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है.

भाजपा से अलग हुए अवतार सिंह भड़ाना ने थामा रालोद का हाथ

भाजपा से अलग हुए अवतार सिंह भड़ाना ने थामा रालोद का हाथ

अवतार सिंह भड़ाना ने उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव 2017 में भाजपा के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था और अपने निकटतम प्रतिद्वंदी समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी लियाकत अली को 193 मतों से हराकर जीत दर्ज की थी. बता दें कि भड़ाना को 1988 में तत्कालीन हरियाणा के मुख्यमंत्री चौधरी देवीलाल ने छह माह के लिए शहरी स्थानीय निकाय राज्य मंत्री बनाया था. इसके बाद वो 1989 में दौसा से जनता दल के टिकट पर कांग्रेस नेता राजेश पायलट से चुनाव हार गए थे.

वहीं, 1991 में फरीदाबाद से कांग्रेस की टिकट पर पहली बार सांसद बने. 1996 में फरीदाबाद से भाजपा के रामचंद्र बैंदा से चुनाव हार गए थे. फिर 1998 में फरीदाबाद से कांग्रेस की टिकट न मिलने पर समाजवादी जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े थे. इसके बाद 1999 में मेरठ लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस की टिकट पर दूसरी बार सांसद बने. 2004 में फरीदाबाद से कांग्रेस के टिकट पर तीसरी बार लोकसभा चुनाव जीत संसद पहुंचे थे.

2009 में फरीदाबाद से कांग्रेस की टिकट पर चौथी बार सांसद बने. 2014 में फरीदाबाद से चुनाव हार गए थे. इसके बाद 2016 में कांग्रेस छोड़कर हरियाणा की इंडियन नेशनल लोकदल पार्टी में शामिल हो गए थे. 2016 में अवतार ने इनेलो छोड़कर भाजपा की सदस्यता ली थी और राष्ट्रीय कार्यक्रम समिति के सदस्य बनाए गए थे. वहीं, 2017 में अवतार सिंह भड़ाना उत्तर प्रदेश के मीरपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर विधायक बने, लेकिन 2022 आते-आते उन्होंने भाजपा को भी अलविदा कह दिया और अब राष्ट्रीय लोकदल के साथ खड़े नजर आएंगे.

बता दें कि इस बार उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल का गठबंधन है. लिहाजा, जिन नेताओं को समाजवादी पार्टी में जगह नहीं मिल पा रही है, वो राष्ट्रीय लोक दल के साथ जा रहे हैं.

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