Saturday, April 20, 2024
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विश्व के कोने कोने तक पहुंचे भारत के योग का हजारों साल पुराना इतिहास है

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International Yoga Day: बात जब योग की आती है सत्यानंद सरस्वती (25 दिसंबर 1923 – 5 दिसंबर 2009) जो बिहार के मुंगेर में बिहार योग विद्यालय की वर्ष 1964 में स्थापना की और न सिर्फ़ भारत बल्कि दुनियां के कई देशों में योग की कीर्ति को प्रज्वलित किया। सत्यानंद सरस्वती अपने मूल भारत और पश्चिम दोनों में एक सन्यासी , योग शिक्षक और गुरु थे। वह डिवाइन लाइफ सोसाइटी के संस्थापक शिवानंद सरस्वती के छात्र थे , और उन्होंने 1964 में बिहार स्कूल ऑफ योग की स्थापना की।  उन्होंने 80 से अधिक किताबें लिखीं, जिनमें 1969 की लोकप्रिय मैनुअल आसन प्राणायाम मुद्रा बंध भी शामिल है , का नाम बड़े आदर से लिया जाता हैं ।योग भारत की प्राचीन परम्परा का एक अमूल्य उपहार है जो न केवल देश में बल्कि एशिया, मध्यपूर्व, उत्तरी अफ्रीका एवं दक्षिण अमेरिका सहित विश्व के भिन्न- भिन्न भागों में फैला हुआ है।


International Yoga Day 2023 योग की परिभाषा हमारे ग्रंथों में अलग-अलग है परंतु इसका सीधा संबंध मानव शरीर के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है योग हमें प्रकृति से जोड़ता है। योग मानव शरीर की एक ऐसी जरूरत है जिसे पूरा करने से हजारों फायदे होते हैं।

International Yoga Day: नई दिल्ली । भारत में योग का इतिहास हजारों साल पुराना है। हमारे ऋषियों-मुनियों का पूरा जीवन ही योगमय रहा है। भारत में योग की परंपरा उतनी ही पुरानी है जितनी कि भारतीय संस्कृति। मानसिक, शारीरिक एवं अध्यात्म के रूप में लोग प्राचीन काल से ही इसका अभ्यास करते आ रहे हैं। योग की उत्पत्ति सर्वप्रथम भारत में ही हुई थी इसके बाद यह दुनिया के अन्य देशों में लोकप्रिय हुआ। यूं समझ लीजिए की भारतीय जीवन में योग की साधना हर काल में होती आई है।

योगासन, शरीर में ऊर्जा के स्तर को बढ़ावा देने के साथ मन को शांत करते हैं। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए योगासनों का नियमित अभ्यास आपके लिए काफी मददगार हो सकता है। योग का अभ्यास शरीर, श्वास और मन को जोड़ता है।

बात जब योग की आती है तो सत्यानंद सरस्वती (25 दिसंबर 1923 – 5 दिसंबर 2009), जो अपने मूल भारत और पश्चिम दोनों में एक सन्यासी , योग शिक्षक और गुरु थे। वह डिवाइन लाइफ सोसाइटी के संस्थापक शिवानंद सरस्वती के छात्र थे , और उन्होंने 1964 में बिहार स्कूल ऑफ योग की स्थापना की।  उन्होंने 80 से अधिक किताबें लिखीं, जिनमें 1969 की लोकप्रिय मैनुअल आसन प्राणायाम मुद्रा बंध भी शामिल है , का नाम बड़े आदर से लिया जाता हैं ।योग भारत की प्राचीन परम्परा का एक अमूल्य उपहार है जो न केवल देश में बल्कि एशिया, मध्यपूर्व, उत्तरी अफ्रीका एवं दक्षिण अमेरिका सहित विश्व के भिन्न- भिन्न भागों में फैला हुआ है।

भारत ने योग के रूप में विश्व को दिया अनमोल उपहार
योग निश्चित ही विश्व को भारत की अमूल्य देन है। भारत के प्रयासों से ही संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की मान्यता दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण के दौरान विश्व समुदाय से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की पहल की थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है।

यह दिमाग और शरीर की एकता का प्रतीक है। मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य है। हमारी बदलती जीवनशैली में योग चेतना बनकर, हमें जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद कर सकता है। इस पहल बाद 11 दिसम्बर 2014 को 193 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र महासभा में 177 सदस्यों द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को मनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली।

योग करने के लाभ:
योग करने के कई फायदे हैं। जहां सिर्फ जिम करने से हमारा शरीर स्वस्थ रहता है, वहीं योग हमारे शरीर के साथ-साथ दिमाग को भी स्वस्थ रखता है। एरोबिक्स या योग के कुछ लाभ इस प्रकार से हैं ।

मन की शांति: योग न केवल हमारे शरीर की मांसपेशियों को अच्छा व्यायाम देता है, बल्कि यह हमारे दिमाग को शांत रखने में भी मदद करता है। चिकित्सा अनुसंधान से पता चला है कि योग शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है। योग तनाव से राहत देता है और बेहतर नींद लाता है, भूख और पाचन को बढ़ाता है। यह दिमाग को हमेशा शांत रखता है।

तनाव मुक्त जीवन: यदि आप योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करते हैं तो आप तनाव मुक्त जीवन जी सकते हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि आज हर दूसरा व्यक्ति तनाव में है जिसके लिए डॉक्टर भी मेडिटेशन और योग करने की सलाह देते हैं।

शरीर की थकान: जब हम योग करते हैं तो मांसपेशियों में खिंचाव जैसी कई क्रियाएं होती हैं। इससे हमारे शरीर की थकान दूर होती है और हम हमेशा तरोताजा महसूस करते हैं। यदि आप नियमित रूप से योग करते हैं तो आपके शरीर में ऊर्जा का संचार होता है।

रोग मुक्त शरीर: योगाभ्यास शरीर को स्वस्थ बनाता है, क्योंकि यह हमें रोगों से लड़ने की शक्ति देता है। हृदय रोग, मधुमेह और अस्थमा जैसी कई अन्य बीमारियों के लिए योग की सलाह दी जाती है। योग रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है और श्वसन संबंधी विकारों को भी दूर करता है। इसलिए अगर आप रोजाना योग करेंगे तो आप स्वस्थ रहेंगे।

वजन पर काबू: दुनिया की अस्सी प्रतिशत आबादी मोटापे से ग्रस्त है। हालांकि योग को अपनी जीवनशैली में शामिल करके हम मोटापे को नियंत्रित कर सकते हैं। योग करने से शरीर लचीला बनता है। यह हमारी मांसपेशियों को मजबूत करता है और शरीर से अतिरिक्त चर्बी को कम करता है। यह हमारे पाचन तंत्र को भी मजबूत करता है। योग फिट रहने का एक बेहतरीन तरीका है।

रोजाना योग करने से क्या होते हैं फायदे ?
योग को आप अपने जीवन का हिस्सा बनाकर कई रोगों से छुटकारा पा सकते हैं। कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिमों को कम करने के लिए योगासनों का रोजाना अभ्यास करना फायदेमंद हो सकता है।

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रक्तचाप और हृदय गति को नियंत्रित रखने में मदद करता है।
शरीर को आराम मिलता है।
आपके आत्मविश्वास में सुधार होता है।
तनाव की समस्या कम होती है।
शरीर के समन्वय में सुधार होता है।
आपकी एकाग्रता में सुधार होता है।
बेहतर नींद प्राप्त करने में मदद करता है।
पाचन और डायबिटीज की समस्या से राहत दिला सकता है।

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