प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन की महाप्रबन्धक सुगंधा शर्मा को किया गया बर्खास्त !
उत्तर प्रदेश में मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन ने टेंडर से 100 गुना दिया आर्डर , मेडिकल जांच किट और उपकरण खरीद में गड़बड़ी का बड़ा मामला आया सामने .........

लखनऊ । विंध्यलीडर संवाददाता । उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन की महाप्रबन्धक सुगंधा शर्मा को किया गया बर्खास्त, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के आदेश पर प्रमुख सचिव स्तर हुई जांच से मामले में हुआ यह खुलासा । विंध्यलीडर के विभागीय सूत्रों के अनुसार सरकारी अस्पतालों में जांच किट और उससे जुड़े उपकरणों के टेंडर से करीब 100 गुना अधिक का जारी किये गये एक ऑर्डर से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। सूत्रों की मानें तो इस मामले में उनकी भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे है। गड़बड़ी से जुड़ा यह मामला अब कोर्ट पहुंच चुका है।

सूत्रों के अनुसार आरोप है कि इस मामले में टेंडर और सप्लाई के लिए खरीद आदेश जारी करने वाले अधिकारियों की लापरवाही और इस अनियमितता से यह बड़ी गड़बड़ी हुई है ,और अब कार्पोरेशन को इस प्रकरण में अदालती कार्रवाइयों और जांच का सामना करना पड़ रहा है। नेशनल हेल्थ मिशन से जुड़े कुछ अधिकारियों पर पिछले साल ही कार्रवाई हो चुकी है। इसमें मिलीभगत कर कंपनी को फायदा पहुंचाने के गंभीर आरोप लगे थे।

पैकेट के हिसाब से कर ली खरीद , जबकि होनी थी प्रति नग के हिसाब से
विंध्यलीडर के विभागीय सूत्रों के अनुसार यह मामला मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन के साथ नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) से भी जुड़ा हुआ है। एनएचएम के बजट से मेडिकल सप्लाई कार्पोरेशन को खरीद का टेंडर कराकर खरीद ऑर्डर जारी करना था। वर्ष 2024 में इसके लिए कंपनी ने प्रति नग के हिसाब से बोली लगायी जबकि अफसरों ने उसी रेट पर प्रति पैकेट के हिसाब से खरीद ऑर्डर जारी कर दिया और कंपनी ने उसी हिसाब से सप्लाई भी कर दी।
जबकि विभाग को इतनी अधिक संख्या में जांच किट और उपकरणों की जरूरत ही नहीं थी। सूत्रों के अनुसार कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए ऐसा जानबूझकर किया गया था जिसकी शिकायत उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से की गई थी। उनके हस्तक्षेप बाद प्रमुख सचिव के स्तर से जांच शुरू हुई तो अनियमितताओं का खुलासा हुआ।
बताया जाता है कि जांच एजेंसी द्वारा की गई जांच में पता चला कि प्राप्त बजट से विभिन्न जिलों में हुई खरीद और सप्लाई से जुड़ी जानकारी और दस्तावेज में भी काफी अनियमितता को देखते हुए प्रदेश के कई जिलों से संबंधित दस्तावेज तलब किए गए थे , जबकि सप्लाई कारपोरेशन से 2019 के बाद से अब तक कराए गए टेंडर, उसमें सफल रही कंपनियों का पूरा ब्योरा मांगा गया था। इस सं

बंध में महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य ने कारपोरेशन और एनएचएम को पत्र भेजा था। सूत्रों की मानें तो अभी तक इस मामले की जानकारी सप्लाई कारपोरेशन ने नहीं स्वास्थ्य महानिदेशालय को नहीं दी है।

श्रावस्ती,बहराइच,गोंडा और बलरामपुर ने ईडी को नहीं दिया सात सालों का पूरा रिकार्ड
नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) और यूपी मेडिकल सप्लाई कार्पोरेशन (यूपीएमएससीएल) के स्तर से चार जिलों में पिछले सात सालों के दौरान हुई दवा और उपकरणों की खरीद, सप्लाई और टेंडर से जुड़े मामलों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कर रही है। ईडी ने श्रावस्ती, बहराइच, गोंडा और बलरामपुर के सभी सरकारी अस्पतालों को साल 2013 से 2025-26 तक जारी किए गए बजट का ब्योरा मांगा था साथ ही इस बजट से जिलों में हुई खरीद और सप्लाई से जुड़ी जानकारी और दस्तावेज भी तलब किए थे। वहीं सप्लाई कारपोरेशन से 2019 के बाद से अब तक कराए गए टेंडर, उसमें सफल रही कंपनियों का पूरा ब्योरा मांगा गया था। इस संबंध में महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य ने कारपोरेशन और एनएचएम को पत्र भेजा था। सूत्रों की मानें तो अभी तक इस मामले की जानकारी सप्लाई कारपोरेशन ने स्वास्थ्य महानिदेशालय को नहीं दी है।



