Tuesday, October 4, 2022
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क्या प्रियंका के बेईमान साथियों ने डुबाई कांग्रेस की लुटिया

जमीनी नेताओं को दरकिनार कर खूब बेचे गए टिकट, करोड़ों की हुई हेराफेरी

विंध्यलीडर की खास रिपोर्ट

लखनऊ। चुनाव कोई हारा या कोई जीता पर प्रियंका गांधी इस हद तक मेहनत करेंगी और इतनी लोकप्रियता हासिल करेंगी यह किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था। सत्ता के लिये विधायक जिताना जरूरी होता है पर जिन्होंने भाजपा को वोट दिया उसमें भी एक बड़ा तबका प्रियंका गांधी की मेहनत और उनकी क्षमता का कायल हो गया है। सीटें कम आयीं। वोट प्रतिशत सबसे कम हुआ पर प्रियंका सबसे जुझारू नेता हैं, यह हर कोई कह रहा है। प्रियंका की इस मेहनत को सबसे ज्यादा पलीता उनकी टीम ने लगा दिया। चुनाव हारने के बाद अब इसके खुलासे होने लगे हैं कि प्रियंका की टीम ने कैसे करोड़ों की हेराफेरी की और उनके लोगों को उनसे दूर कर दिया। लोक सभा चुनावों से पहले यूपी के यह नतीजे प्रियंका को निराश कर सकते हैं पर यह तय है कि अगर इसी मेहनत के साथ प्रियंका लोगों के बीच रहीं तो लोक सभा में कुछ नया कर भी सकती हैं।

कांग्रेस के तेजतर्रार नेता जीशान हैदर को पार्टी ने भले ही बाहर का रास्ता दिखा दिया हो पर उन्होंने जो मुद्दा उठाया वह कांग्रेस के तमाम कार्यकर्ताओं के मन की बात थी। लोग समझ ही नहीं पा रहे थे कि जिन प्रियंका की रैली में इतनी भीड़ आ रही थी, जो प्रियंका सालों से हाथरस से लेकर लखीमपुर तक संघर्ष कर रही थीं वह अपने पक्ष में वोट क्यों नहीं डलवा पायीं यह भी सोचने की बात है।

हकीकत यह है कि प्रियंका की टीम न मीडिया मैनेज कर पायी और न ही वोटर को। पैसे की बंदरबांट ने पार्टी का बेड़ा गर्क कर दिया। चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों को जो पैसा दिया गया उसने भी कमीशनबाजी की गयी। अब तो कमीशनबाजी का लेटर वायरल भी हो रहा है। विधान सभा चुनाव से पहले प्रियंका गांधी ने प्रदेश में कांग्रेस की सियासी जमीन को मजबूत करने के लिए जी-तोड़ मेहनत की।

लडक़ी हूं, लड़ सकती हूं का नारा बुलंद करते हुए उन्होंने महिला वोटर्स पर फोकस किया। 40 फीसदी महिला प्रत्याशियों को टिकट भी दिया गया। इसके अलावा विधान सभा चुनाव में प्रियंका ने कांग्रेस उम्मीदवारों की जीत के लिए 209 रैलियां और रोड शो किए और लखीमपुर हिंसा, हाथरस कांड, रोजगार और महिला सुरक्षा पर अलग-अलग मंचों से योगी सरकार को घेरा।

बावजूद इसके चुनाव में पार्टी को मात्र 2.33 प्रतिशत वोट मिले जो कई क्षेत्रीय दलों से भी काफी कम है और पार्टी को महज दो सीटों रामपुर खास और फरेंद्रा से संतोष करना पड़ा। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पार्टी की इस हालत के लिए प्रियंका गांधी की टीम में शामिल कुछ साथी जिम्मेदार हैं।

पैसे लेकर टिकट बांटे गए। पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों में खर्च हुए पैसों में भी जमकर खेल किया गया। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि तमाम पुराने नेता पर्दे के पीछे से प्रदेश कांग्रेस का नेतृत्व संभाल रहे इन लोगों के बारे में प्रियंका को फीडबैक देना चाहते थे लेकिन उन्हें प्रियंका से मिलने का मौका नहीं मिल सका, जिसने भी इसकी कोशिश की उन्हें पार्टी में उपेक्षा झेलनी पड़ी।

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने के अनुरोध के साथ बताया कि जब कांग्रेस के कुछ परंपरागत राजनीतिक परिवारों के नेता पार्टी छोड़ रहे थे तो उन्होंने प्रियंका से इस बारे में दखल देने की बात कही। पर उस समय वहां मौजूद उनके टीम के एक सदस्य ने इसका विरोध किया। उसी का नतीजा कांग्रेस को भुगतना पड़ रहा है। अब पैसा लेकर टिकट देने और कार्यक्रमों में हुए खर्च के व्यय की जांच कराने की मांग भी कांग्रेसी नेताओं ने शीर्ष नेतृत्व से पत्र लिखकर की है।

नयी टीम ने की दिग्गजों की उपेक्षा

नई टीम ने पुराने लोगों को पूरी तरह से किनारे लगा दिया और उन्हें तरजीह देना बंद कर दिया। कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व को भी यह समझ में नहीं आया कि जिन दिग्गजों के सहारे उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में जीवित है उनका इस तरह से पार्टी से मोहभंग होना अच्छा नहीं है। इसी का नतीजा देखने को मिल रहा है कि आज प्रियंका गांधी के इस संघर्ष के बाद भी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की जमीन ही नहीं तैयार हो पा रही है। गौरतलब है कि चुनाव से पहले कांग्रेस के एमएलसी रहे दिनेश प्रताप सिंह, विधायक अदिति सिंह, राकेश प्रताप सिंह, पूर्व मंत्री जितिन प्रसाद, बुंदेलखंड़ के पूर्व विधायक गयादीन अनुरागी, पूर्वांचल के ललितेश पति त्रिपाठी, आरपीएन सिंह, कांग्रेस के सहारनपुर से विधायक नरेश सैनी व मसूद ने भी पार्टी से किनारा कर लिया।

लडक़ी हूं, लड़ सकती हूं की पोस्टर गर्ल रहीं प्रियंका ने भी लगाये थे धांधली के आरोप

कांग्रेस के लडक़ी हूं, लड़ सकती हूं कैंपेन की पोस्टर गर्ल डॉक्टर प्रियंका मौर्य ने प्रियंका गांधी की टीम पर टिकट के लिए घूस मांगने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस में धांधली चल रही है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा था कि लडक़ी हूं, लड़ सकती हूं, पर टिकट नहीं पा सकी क्योंकि मैं ओबीसी थी और प्रियंका गांधी की टीम को घूस नहीं दे सकी। मेरे पास सबूत के तौर पर वीडियो है। बाद में प्रियंका मौर्य ने भाजपा का दामन थाम लिया था। इसके अलावा दो अन्य पोस्टर गर्ल वंदना और पल्लवी भी कांग्रेस छोडक़र भाजपा में शामिल हो गयी थीं।

कांग्रेस को बेच रहे प्रियंका के नौकर : जीशान हैदर

अपने निष्कासन पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेता जीशान हैदर ने आला कमान को पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा कि मुझे उत्तर प्रदेश कांग्रेस की तरफ से कल एक पत्र प्राप्त हुआ मीडिया के द्वारा, जिसमें उन्होंने मुझे 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया है और मेरे ऊपर आरोप लगाए हैं कि मैंने सोशल मीडिया पर केंद्रीय नेतृत्व के ऊपर सवाल उठाए लेकिन मेरा कोई भी ट्वीट या पोस्ट आप दिखवा लें मैंने कहीं भी राष्ट्रीय नेतृत्व के ऊपर सवाल नहीं उठाया है।

हां, प्रियंका गांधी जी का एक नौकर और उसके गैंग के ऊपर सवाल उठाया है और अगर वह राष्ट्रीय नेतृत्व है तो कृपया मुझे बताने का कष्ट किया जाए। अध्यक्ष महोदय, मैं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का लखनऊ से इलेक्टेड सदस्य हूं मुझको उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी से निष्कासित करने का इनके पास कोई न औचित्य है न पावर, तो मेरा आपसे अनुरोध है कि जिन्होंने भी यह लेटर जारी किया है उनको और प्रियंका जी के उन नौकरों को जो कांग्रेस को बेच रहे हैं उनको पार्टी से निष्कासित किया जाए।

महमूदाबाद की प्रत्याशी ने उठायी जांच की मांग

जनपद सीतापुर की महमूदाबाद विधान सभा की प्रत्याशी ऊषा वर्मा के प्रतिनिधि दीपक वर्मा ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखकर टिकट के बदले पैसे लेने के मामले की जांच की मांग उठायी है। पत्र में लिखा गया है कि मेरी माता ऊषा वर्मा विधान सभा 151 महमूदाबाद से पार्टी प्रत्याशी घोषित हुयी थीं। उनका चुनाव चौथे चरण 23-02-2022 में था जैसी सूचना मिली थी। उनके नाम पर पार्टी कार्यालय से प्रत्याशी के नाम पर पांच लाख रुपये प्राप्त किये गए थे लेकिन प्रत्याशी को नहीं दिये गये थे।

इसमें प्रत्याशी के हस्ताक्षर नहीं थे और उसको कोई जानकारी भी नहीं थी। इसके अलावा भी प्रत्याशी प्रतिनिधि से नगद तीन लाख रुपये कार्यालय उद्घाटन वाले दिन टिकट दिलवाने के नाम पर लगातार मांग कर रहे थे। चुनाव को देखते हुये प्रत्याशी प्रतिनिधि ने एक लाख रुपये नगद अपने आवास पर दिये थे। कृपया प्रकरण की जांच करायी जाये।

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