Tuesday, February 27, 2024
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कल से थम जाएगा खनन सामग्री लेकर परिवहन करने वाली ट्रकों का पहिया

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खनन मंडी में आवक कम होने से खनन सामग्री का दाम बढ़ने के आसार

—सरकारी राजस्व में भारी कमी आने की सम्भावना

—खनन विभाग में फैले भ्र्ष्टाचार व ट्रक मालिको के हो रहे शोषण व लोडिंग प्वाइंट से ही ओभरलोडिंग पर लगाम जैसे मुद्दों को लेकर ट्रकों के पहिये थम जाएंगे

जिन अधिकारियों के भरोसे पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खनन विभाग को चलाना चाहते हैं वही अधिकारी किस तरह उनके भरोसे को तोड़ कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं, यह शायद सीएम योगी को नहीं पता क्योंकि यदि उन्हें इनके कारनामों की जानकारी होती तो शायद खनन विभाग इस तरह खनन परिवहन के अभिन्न अंग ट्रक ऑपरेटर एशोसियेशन के प्रति इतना निष्ठुरता पूर्वक पेश नहीं आ रहे होते और एशोसिएशन अपनी जायज मांगो के माने जाने तक चक्का जाम कर खनन सामग्री परिवहन को रोकने के लिए बाध्य नहीं होता।

आपको बताते चलें कि पहले की सरकारों में खनन का हश्र देखकर सीएम योगी ने यह विभाग अपने पास रखा है ताकि खनन में भ्रष्टाचार को खत्म किया जा सके । लेकिन जिले के अधिकारी सीएम के विभाग को भी नहीं छोड़ रहे। कई बार सीएम योगी अधिकारियों को निर्देश दे चुके हैं कि लोडिंग पॉइंट से ही अंडरलोड माल दिया जाए लेकिन अधिकारी सीएम के आदेश को दरकिनार कर ओवरलोड परिवहन करवा रहे हैं।

यानी आप समझ समझ सकते हैं कि सोनभद्र में अधिकारी किस कदर बेलगाम हो गए हैं इसका खुलासा खनन अधिकारी के एक वायरल वीडियो से हुआ जिसमें सोनभद्र के खनन अधिकारी खुद यह मांन रहे हैं कि लोडिंग पॉइंट्स से गाड़ी वालों को परमिट नहीं दिया जाता । यह वायरल वीडियो कुछ दिन पहले का है जब ट्रक मालिक भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए खनन कार्यालय पर धरना दिए थे ।

जहां एक तरफ लोडिंग पॉइंट्स से ओवरलोड माल दिया जा रहा है वहीं चेकिंग में सिर्फ मोटर मालिकों पर कार्यवाही की जा रही हैं । प्रशासन की इस दोहरी नीति से आजिज आकर पूर्वांचल के 17 जिलों के ट्रक मालिक 22 सितम्बर से हड़ताल पर जाने का एलान कर दिये हैं। अर्थात 17 जिलों के हजारों ट्रकों के पहिये कल से थम जाएंगे वह खनन सामग्री लेकर परिवहन नहीं करेंगे ।

मोटर मालिकों के इस ऐलान के बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा हुआ है । मोटर मालिकों ने ठान लिया है कि वह भ्रष्टाचार को बढ़ावा नहीं देंगे और सीएम योगी के आदेश को लागू करा कर रहेंगे । मोटर मालिक हड़ताल के माध्यम से सीएम योगी तक अपनी बात पहुंचना चाहते हैं और यह बताना चाहते हैं कि उनके विभाग को उनके ही अधिकारी किस तरह दीमक की तरह चाट रहे हैं और उन्हें झूठी रिपोर्ट भेजकर गुमराह कर रहे हैं ।

मोटर मालिकों का कहना है कि सीएम योगी ने लोडिंग पॉइंट्स से ही अंडरलोड माल देने को कहा है, वही व्यवस्था लागू की जाय । मोटर मालिकों ने खुलासा करते हुए कहा कि वे फर्जी परमिट नहीं बल्कि कभी-कभी बिना परमिट के चलते हैं क्योंकि उन्हें लोडिंग पॉइंट्स से परमिट नहीं मिलता।

कई मोटर मालिकों का कहना है कि अधिकारी अवैध खनन को बढ़ावा दे रहे हैं । उनका कहना है कि अधिकारी लोडिंग पॉइंट पर कड़ाई क्यों नहीं करते, जबकि सब समस्या का समाधान वहीं से है, इससे साफ हैं कि वे नहीं चाहते कि जिले से अवैध कारोबार खत्म हो। ट्रक मालिकों का कहना है कि क्रशर पर गिट्टी तो है पर उनके पास उसके परिवहन हेतु परिवहन प्रपत्र जिसे एम एम 11 कहा जाता है नहीं होता।ऐसे में उनके पास आखिरकार बिना एम एम 11 के पत्थर कहां से आता है इसकी जांच खनन विभाग द्वारा न करके केवल ट्रक मालिकों को परेशान किया जा रहा है।

बहरहाल 22 सितम्बर से पूर्वांचल के 17 जिलों के ट्रक मालिक एक साथ ट्रकों के पहिये को रोकने की तैयारी कर चुके हैं। खनन विभाग में फैले भ्रष्टाचार व अधिकारियों के मनमानी पूर्ण रवैये से आजिज आकर ट्रक मालिकों ने यह बड़ा कदम उठाया है । माना जा रहा है यदि हजारों ट्रकों के पहिये थम गए तो न सिर्फ इससे मोटर मालिकों को नुकसान होगा बल्कि करोड़ों रुपये का चूना सरकार को भी लग सकता है । इतना ही नही जैसे ही ट्रकों का पहिया थमेगा मंडी में खनन सामग्री की कीमत बढ़ जाएगी और अधिकारियों की इस तानाशाही व अदूरदर्शिता के चलते महंगाई की मार झेल रही जनता को और अधिक महंगाई से जूझना पड़ सकता है।

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