Tuesday, January 25, 2022
Homeदेशगंगा में डुबकी लगाने से बचे योगी क्योंकि वह जानते थे कि...

गंगा में डुबकी लगाने से बचे योगी क्योंकि वह जानते थे कि गंगा गंदी है : अखिलेश

बीजेपी और सपा दोनों दल एक दूसरे के ख़िलाफ़ कड़ी टिप्पणी करते रहे हैं। इससे पहले अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा था कि लोग अपने अंतिम दिन वाराणसी में बिताते हैं।

लखनऊ । उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए जैसे-जैसे वक़्त क़रीब आता जा रहा है वैसे-वैसे बीजेपी और सपा मेंआरोप-प्रत्यारोप बढ़ते जा रहे हैं।

गंगा को स्वच्छ करने का संकल्प बार-बार दोहराने वाली और इसकी स्वच्छता के दावे करने वाली बीजेपी के नेता योगी आदित्यनाथ पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तंज कसे हैं। उन्होंने मंगलवार को दावा किया कि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने गंगा में डुबकी नहीं लगाई क्योंकि उन्हें पता था कि नदी गंदी है। 

अखिलेश यादव ने कहा, ‘बीजेपी ने गंगा की सफाई पर करोड़ों रुपये ख़र्च किए। लेकिन सीएम योगी आदित्यनाथ जानते थे कि गंगा गंदी है। इसलिए उन्होंने स्नान नहीं किया।’

अखिलेश यादव ने कहा कि सवाल यह है कि क्या मां गंगा कभी स्वच्छ होंगी? उन्होंने कहा कि धन बह गया, लेकिन नदी की सफाई नहीं हुई।

सपा नेता ने यह साफ़ नहीं किया कि वह योगी के गंगा में डुबकी नहीं लगाने वाली बात किस वक़्त की कर रहे हैं, लेकिन समझा जाता है कि उनका इशारा 13 दिसंबर के काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण कार्यक्रम की ओर था। 

वाराणसी के दो दिवसीय दौरे पर पहुँचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हालाँकि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर परियोजना का उद्घाटन करने से पहले सोमवार को ललिता घाट पर पूजा-अर्चना की और गंगा में डुबकी लगाई थी।

मोदी ने कहा कि वह काशी पहुंचकर अभिभूत हैं। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बीजेपी उत्तर प्रदेश में लगातार कई परियोजनाओं का उद्घाटन कर रही है और इसे लेकर उसकी सपा के साथ तकरार भी हो रही है।  

अगले साल की शुरुआत में उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनाव में बीजेपी और सपा प्रमुख दावेदार हैं। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी दौरे के बारे में पूछे जाने पर अखिलेश यादव ने इटावा में संवाददाताओं से कहा, ‘वह रहने की जगह है। लोग अपने अंतिम दिन बनारस में बिताते हैं।’

लाल टोपी रेड अलर्ट: मोदी

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने भी गोरखपुर में एक जनसभा में सपा पर हमला बोलते हुए कहा था कि लाल टोपी (सपा की टोपी का रंग) यूपी के लिए ख़तरे का प्रतीक है। उन्होंने कहा था कि लाल टोपी वालों को आंतकियों को जेलों से छुड़ाने के लिए सरकार बनानी है और इसलिए लाल टोपी वाले उत्तर प्रदेश के लिए रेड अलर्ट हैं। 

इस पर अखिलेश यादव ने पलटवार किया और कहा था कि लाल रंग भावनाओं का रंग है, पूजा का रंग लाल है, यह देवी-देवताओं का रंग है, सूरज का रंग है। उन्होंने पूछा कि बीजेपी के नेताओं के शरीर में क्या काला रंग है। सपा मुखिया ने कहा कि सपा की रैलियों में आ रही भीड़ से घबराकर बीजेपी नेता ग़लत बयानबाज़ी कर रहे हैं और आने वाले दिनों में उनकी भाषा और ख़राब होगी।

Share This News
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Share This News