Tuesday, July 5, 2022
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फासिल्स पार्क पहुंचा पर्यटकों को आकर्षित करने हेतु गाइड व पर्यटन में सहायक अन्य घटक दल का एक समूह

सोनभद्र के पयर्टन स्थलों को प्रसिद्ध करने के लिए शासन की पहल पर वन विभाग व राजस्व प्रशासन मिल कर ईकोटूरिज्म के तहत जिले के चिह्नित स्थानों पर पर्यटन सुविधाओं के विकास के साथ ही उन्हें आकर्षित करने के लिए आदिवासी संस्कृति की झलकियां प्रस्तुत की जा रही है।

सोनभद्र।सोनभद्र में ईकोटूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए रविवार को पर्यटकों का एक समूह सलखन स्थित फासिल्स पार्क पहुंचा । इस दल में टूरिस्ट गाइड , बीएचयू के छात्र व अन्य लोग शामिल रहे । इस दौरान इनके स्वागत के लिए पर्यटन व वन विभाग ने परंपरागत आदिवासी नृत्य प्रस्तुत कराया । गुरमा वन रेंज के कर्मियों ने दल का स्वागत करते हुए फासिल्स के बारे में उन्हें विस्तार से बताया । पर्यटकों के लिए वन विभाग शुद्ध रूप आदिवासी परम्परानुसार खान पान की भी व्यवस्था कराई थी , जो पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा। पर्यटकों के आये हुए टीम में अमरेश मौर्या , अमित सिंह , गणेश , जयनेंद्र राय , वन विभाग के अजय प्रकाश , वन दारोगा फराज नदीम आदि रहे ।

यहाँ आपको बताते चलें  कि जनपद के पयर्टन स्थलों की तरफ बाहर के पर्यटकों को सोनभद्र की तरफ आकर्षित करने के लिए यहाँ की वादियों की मनमोहक झांकी पर्यटकों तक पहुंचाने व यहाँ के प्रसिद्ध स्थलों तक पर्यटकों को पहुचाने के लिए ही शासन ने यह कदम उठाया है । यहाँ यह बात भी स्मरणीय है कि सोनभद्र में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं यदि एक बार सोनभद्र के ऐतिहासिक व प्राकृतिक सौन्दर्य की तरफ पर्यटकों का मन मुड़ गया तो सोनभद्र की आर्थिक व सांस्कृतिक स्थितियों में गुणात्मक परिवर्तन आने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता है।इस लिए इस योजना के तहत वाराणसी से नवंबर तक टूरिस्ट गाइड , होटल व्यवसायी व स्कूली छात्र सोनांचल के सलखन स्थित फासिल्स पार्क , महुअरिया घाटी व विजयगढ़ किले को देखेंगे । ताकि यह इसके बाद अन्य लोगों को यहां पर भेज सकें । जिले के चिह्नित पर्यटन स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए भी लगातार प्रयास किया जा रहा है ताकि आमजन को यहां पर आने – जाने में किसी तरह की कोई समस्या न होने पाए ।

सोनभद्र इको टूरिज्म का सबसे महत्वपूर्ण घटक सलखन जीवाश्म पार्क लगभग 25 हेक्टेयर क्षेत्रफल मे फैला हुआ है । यह भूमि वन विभाग के अधिकार क्षेत्र में आता है । इस क्षेत्र में कई औषधीय गुणों वाले पौधे भी पाए जाते हैं जिनमे कुटी , सलई , पलास , तंदू , झिगन , सिद्धा , खैर , धावला , जंगली बांस , आंवला , * तथा हरसिंगार जैसी वनस्पतियों की प्रजातियां महत्वपूर्ण हैं । हालांकि कई पौधे तो अवैध कटान के शिकार हो रहे जिनके संरक्षण की मांग की जा रही है ।

दूसरा महत्वपूर्ण स्थल विजयगढ़ का दुर्ग है जो कई प्रकार के रहस्यों व ऐतिहासिकता को समेटे हुए है जो पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन सकता है।उक्त दुर्ग पर पहले ही कई सीरियल व फ़िल्म भी बन चुकी है।उक्त किले की रहस्यमयी कहानियों पर बना चंद्रकांता सीरियल भी प्रसिद्धि बटोर चुका है। तीसरे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल के रूप में ब्लैक बग घाटी जो काले हिरणों के प्राकृतिक रूप से कुलांचे भरते देखने के आनंद को समेटने के लिए स्वाभाविक रूप से पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर सकने में सक्षम है ।

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