Tuesday, December 7, 2021
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बदहाल सड़कों पर जोखिम भरे यात्रा के लिए मजबूर ग्रामीण जनता

श्याम प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन योजना के तहत गठित क्लस्टर के गाँवो की बदहाल सड़को पर जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर जनता उठा रही सवाल,

सोनभद्र। । कुछ सड़कों को देखकर ऐसा लगता है कि सड़क में गड्ढा है या गड्ढे में ही सड़क है यह समझ से परे है , सड़कों की बदहाली का आलम यह है कि आप अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए कष्टदाई एवं जोखिम भरे यात्रा करने के लिए मजबूर हैं । बताते चलें कि इस जनपद में राजमार्ग से जोड़ने वाले सभी सम्पर्क मार्गों की बदहाली शासन – प्रशासन के कार्यशैली को उजागर कर रही है ।

श्यामा प्रसाद मुखर्जी रुर्बन मिशन के तहत गठित क्लस्टर के गांव चिरुई से पल्हारी को जोड़ने वाली सड़क

रावट्रर्सगंज से खलियारी रॉबर्ट्सगंज से घोरावल मार्ग , शाहगंज से राजगढ़ मार्ग १८ कि ० मी ० , घोरावल से मड़िहान मार्ग- २८ कि ० मी ० के अलावा ग्रामीण अंचलों की सभी सड़कें खस्ताहाल एवं गड्ढा युक्त हो गई है । सड़कों में बड़े – बड़े गड्ढे राहगीरों के लिए कष्टकारी सिद्ध हो रहै हैं । लोगों का कहना है कि उक्त सड़कें गड्ढे में हैं या गड्ढे में सड़कें हैं यह समझ मे नहीं आता । जबकि सभी बुद्धिजीवियों को मालूम है कि वर्तमान सरकार का खास नारा है कि सरकार का है संकल्प , सड़कों का हो काया कल्प ” । किन्तु जमीनी हकीकत बिल्कुल विपरीत है । बड़ा सवाल यह है कि आखिर सड़को के नाम पर किसका कायाकल्प किया जा रहा है ?

श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन के तहत गठित क्लस्टर का गांव चिरुई से कोदई को जोड़ने वाली

योगी जी ने मुख्यमंत्री की कुर्सी सम्भालते ही जीरो टॉलरेंस का नारा दिया था परन्तु उनके कार्यकाल के अंतिम दौर में ऐसा प्रतीत होता है कि भ्रष्टाचार कम होने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है । यदि ऐसा नही होता तो विकास के नाम पर आए धन की इस तरह बन्दरबाँट नहीं हो रही होती।अधिकारियों ने फाइल में कार्य कम्प्लीट करने की जैसे परम्परा बना ली है।आपको बताते चले कि गांवों के कायाकल्प के लिए बनाई गई योजना श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन के तहत अति पिछड़े क्षेत्र के गांवों का कलस्टर बनाकर उनका विकास करने की योजना थी।परन्तु सोनभद्र में उक्त योजना भी औधे मुँह गिर गयी।उक्त योजना के तहत गठित कोदई क्लस्टर के गाँवो में विकास कार्य के लिए गए धन से जो भी कार्य कराए गए हैं उनकी गुडवत्ता देखकर आप दंग रह जाएंगे।इतना ही नही उक्त क्लस्टर के गाँवो को जोड़ने वाली सड़कें ऐसी हैं कि इन गांवो तक आसानी से नहीं पहुँचा जा सकता।जब शासन की प्राथमिकता वाले गांवो को जोड़ने वाली सड़को की हालत यह है तो सामान्य ग्रामीण सड़कों की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है।

जर्जर चिरुई सम्पर्क मार्ग

अब शासन – प्रशासन के कार्यशैली पर सवाल उठाए जा रहे हैं और वर्तमान सरकार की आलोचना करते हुए कहा जा रहा है कि ” चोर – चोर मौसेरे भाई ” । इस जनपद के सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का हाल यह है कि जन समस्याओं के समाधान के प्रति पूरी तरह मूक दर्शक बने हैं । फिलहाल जो भी हो , सड़कें कब तक गड्ढा मुक्त होंगी ? नागरिकों को इंतजार है । हालांकि बीच – बीच में सड़क मरम्मत का कार्य भी कच्छप गति से करवाया जा रहा है ।

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