उत्तर प्रदेश की सियासी उठापटक के बीच एक और खबर सामने आई है. अब भीम आर्मी के अध्यक्ष चंद्रशेखर अखिलेश यादव से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे. वहीं, स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ भाजपा के एक दर्जन विधायक सपा कार्यालय पहुंचे.
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में सियासी सरगर्मी तेज होने के बीच आज एक और बड़ी खबर सामने आई. भीम आर्मी के अध्यक्ष चंद्रशेखर अखिलेश यादव से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे.

सपा के छोटे दलों के गठबंधन में भीम आर्मी को भी शामिल करने की बात सामने आ रही है. वहीं खास बात यह है कि मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ बीजेपी के एक दर्जन बागी विधायक भी अखिलेश यादव से मिलने समाजवादी पार्टी कार्यालय पहुंचे हैं.

सूत्रों का कहना है कि इस मुलाकात कराने के पीछे समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन के रूप में जुड़ने वाले सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर हैं.
उत्तर प्रदेश में संकल्प भागीदारी मोर्चे में पहले भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर भी जुड़े थे और ओमप्रकाश राजभर के साथ कई अन्य दल भी जुड़े थे लेकिन बाद में ओमप्रकाश राजभर और कई अन्य छोटे दल समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन की डोर में बंध गए.

अब जब पूरी तरह से चुनावी माहौल समाजवादी पार्टी के पक्ष में दिखता हुआ नजर आ रहा है और योगी सरकार के तीन मंत्री व करीब एक दर्जन बीजेपी विधायकों ने त्यागपत्र दे दिया है. ऐसी स्थिति में भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर भी अखिलेश यादव से मिलने पहुंचे. इसे गठबंधन का प्रयास बताया जा रहा है. हालांकि कोई इस बारे में खुलकर बोल नहीं रहा है.
देखना दिलचस्प होगा कि अखिलेश यादव भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर को किस प्रकार से अपने गठबंधन में जोड़ते हैं और कितनी सीट देते हैं.

वहीं, राजनीतिक जानकार कहते हैं कि अगर भीम आर्मी भी समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में शामिल होती है तो समाजवादी पार्टी को इसका बड़ा फायदा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मिल सकता है. भीम आर्मी की पकड़ और पैठ दलित समाज के बीच काफी तेजी से बढ़ रही है ऐसी स्थिति में इसका फायदा समाजवादी पार्टी को स्वाभाविक रूप में हो सकता है.