Monday, May 27, 2024
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40 साल बाद माफिया डॉन को मिली उम्र कैद की सज़ा

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(समर सैम की ज़ीरो ग्राउण्ड़ रिपोर्ट)

सोनभद्र/प्रयागराज। पूर्व सांसद अतीक अहमद को 2005 में बसपा विधायक राजू पाल मर्डर केस के गवाह उमेश पाल के किडनैप मामले में मंगलवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया। स्पेशल एमपी एमएलए कोर्ट प्रयागराज ने मंगलवार को अपने फैसले में पूर्व सांसद और दो अन्य दोषियों को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है। माफिया डॉन अतीक अहमद सहित दो अन्य दोषियों को सज़ा सुनाते हुए कोर्ट ने उनपर एक एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। ये जुर्माना उमेश पाल के परिजनों को दिया जायेगा। उमेश पाल किडनैपिंग मामले में माफिया डॉन अतीक अहमद को उम्र कैद और दो अन्य दोषी दिनेश पासी एवं अतीक अहमद के वकील खान सौलत हनीफ को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है।

आपको बताते चलें कि उमेश पाल किडनैपिंग केस में माफिया डॉन अतीक अहमद को दोषी करार देने के बाद भी अदालत परिसर में वकीलों द्वारा फांसी दो, फांसी दो का नारा बुलंद होता रहा। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को माफिया डॉन अतीक अहमद की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उसने अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की थी। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट में जाने को कहा है।

अपको बताते चलें कि उमेश पाल किडनैपिंग केस में पुलिस द्वारा कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था। जिसमें से माफिया डॉन अतीक अहमद के भाई खालिद अज़ीम उर्फ अशरफ, आबिद प्रधान, फरहान, जावेद, एजाज़ अख़्तर, इसरार, आसिफ उर्फ मल्ली सहित सात आरोपियों को अपहरण में सबूत न मिलने के कारण कोर्ट ने दोष मुक्त कर दिया। वहीं इस केस के एक आरोपी अंसार पहलवान की पहले ही मौत हो चुकी है।वहीं दोषी करार दिया गया हनीफ माफिया डॉन अतीक अहमद का वकील है।

कोर्ट द्वारा सुनाई गई इस सज़ा पर चायल विधानसभा सीट से सपा की विधायक पूजा पाल ने नाराज़गी व्यक्त किया है। राजू पाल की पत्नी पूजा पाल ने अशरफ को दोष मुक्त करार दिया जाने को सही नहीं ठहराया है। विधायक पूजा पाल ने कहा कि अशरफ को दोष मुक्त किया जाना न्याय के हित में नहीं है। अतीक और अशरफ में कोई अंतर नहीं है। दोनों ने मिलकर कई अपराध को अंजाम दिया है। लगभग एक दशक तक आमजनमानस को भयाक्रांत किया है। निरन्तर लोगों के जीवन को अंधकार मय बनाने का काम किया है।

विधायक पूजा पाल ने कहा कि अशरफ की रिहाई से शूटर्स का मनोबल बढ़ेगा। अतीक गैंग को लगेगा कि बड़े भाई को सज़ा हुई है और छोटा भाई दोष मुक्त हो गया। हमारे पति के मामले में ट्रायल चल रहा है। अतीक गैंग से लगातार खतरा बना हुआ है। भारत के इतिहास में पहली बार देखने को मिला कि माफिया डॉन के केस में मीडिया इतनी अधिक एक्टिव हुई है। दिन रात उल्लू की तरह रतजगा करती हुई साबरमती जेल से नैनी जेल तक पल पल की खबरे कैमरे में कैद करती रही। हद तो तब हो गई जब मीडिया माफिया डॉन के अति लघुशंका करते हुए लाइव प्रसारण करती रही। यह है भारतीय मीडिया का स्तर। लोगों का कहना था कि मीडिया साथ न लगी होती तो माफिया डॉन अतीक और उसके भाई की गाड़ी पलट सकती थी।

साबरमती जेल से माफिया के प्रयागराज के सफर पर आम लोगो का कहना था कि बुन्देखण्ड एक्सप्रेस वे पर अतीक अहमद के प्रिज़न वैन से अचानक एक गाय टकराकर मर गई। यहां मीडिया न होती तो निश्चित ही प्रिज़न वैन पलट सकती थी। ऐसा ही लखनऊ के पास माफिया डॉन अतीक के भाई अशरफ की भी प्रिज़न वैन पलटने से बची। रात में दिशा हीन होकर पुलिस वाले वाहन लेकर जा रहे थे। परन्तु मीडिया बीच में आ गई और गलत रास्ते पर लेजाने की बात कर मामला रफा दफा हो गया। फ़िलहाल दोनों को नैनी सेंट्रल जेल में रखा गया है। वहीं प्रयागराज पुलिस दोनों को उमेश पाल मर्डर केस में रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। अंत में एक शेर बस बात खत्म, ज़ुल्म की टेनी कभी फलती नहीं, नाव कागज़ की कभी चलती नहीं।

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