Tuesday, October 4, 2022
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लोक निर्माण विभाग में वर्षों से जमे सहायक अभियन्ता,उच्चाधिकारियों के पत्र लिखने के बावजूद अब तक नहीं हुए कार्यमुक्त

सोनभद्र । योगी सरकार की पहली पारी में अधिकारियों की मनमानी लगातार दिख रही थी और सच पूछिए तो अधिकारियों की इसी मनमानी के चलते ही जनता के बीच सरकार की छवि खराब हो रही थी। आलम यह था कि नॉकरशाही पूरे पांच साल तक भाजपा कार्यकर्ताओं का भी बात नहीं सुनी। परन्तु इस बार हालात बदले बदले नजर आ रहे हैं।

योगी सरकार की दूसरी पारी में अब तक जिस तरीके से अधिकारियों पर ताबड़तोड़ कार्यवाही हो रही हैअधिकारी भी सकते में हैं । अधिकारियों में बेचैनी का आलम का अंदाजा लोक निर्माण विभाग के इस पत्र को देखकर साफ साफ लगाया जा सकता है जिसमें लोक निर्माण विभाग में स्थानांतरण होने के वावजूद जमे हुए सहायक अभियंताओं को तत्काल कार्यमुक्त किये जाने की बात लिखी गयी है ।

यूँ तो ऐसे सहायक अभियंताओं को 31मार्च को ही कार्य मुक्त हो जाना चाहिए था लेकिन सूत्रों की माने तो वर्षों से एक ही जिले में जड़ जमाकर खेल खेलने वाले ऐसे सहायक अभियंता जाने को तैयार नहीं है ।




कई सहायक अभियंता सोनभद्र जैसे जगह पर काम करते हुए एक दशक से ज्यादा का समय गुजार चुके हैं, अब वे जाना नहीं चाहते ।
सूत्रों के मुताबिक लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खण्ड व निर्माण खण्ड 2 में ऐसे कई सहायक अभियंता हैं जिनकी पहुंच विभाग में काफी ऊपर तक है और अपनी इसी पहुंच व विभागीय सेटिंग का फायदा उठाकर उक्त सहायक अभियंता वर्षो से सोनभद्र के चारागाह का आनंद उठाते हुए अपने कार्य को अंजाम दे रहे हैं । विभागीय नियमानुसार कोई भी कर्मचारी एक जिले में 7 साल ही रह सकता है जबकि मण्डल में 12 साल । सूत्रों की माने तो लोकनिर्माण विभाग में एक सहायक अभियंता का ट्रांसफर हुए एक साल हो चुका है मगर वह अभी तक जिले में ही जमे हुए हैं और अपना स्थानांतरण रुकवाने के लिए सत्ताधारियों के आगे पीछे घूमते देखे जा सकते हैं।


बताया तो यह भी जा रहा है कि यही हाल निर्माण खण्ड व निर्माण खण्ड 2 का भी है, यहां तो कई जेई व एई जिले में तैनाती के विभागीय नियम के अपने निर्धारित समय सीमा को पार किये हुए काफी समय व्यतीत कर चुके हैं मगर विभागीय पूजा पाठ करते रहने के कारण उन्हें आज तक कोई पूछने वाला नहीं था।परन्तु जैसे ही इस बार सरकार गठन के कुछ दिनों बाद ही लापरवाह अधिकारियों पर योगी सरकार ने धड़ाधड़ कार्यवाही करना शुरू किया है उसके बाद लोकनिर्माण विभाग के अधिकारी भी सक्रिय हो गए हैं और पुरानी फाइलों की धूल साफ की जा रही है।

बहरहाल लोक निर्माण विभाग का हाल किसी से छिपा नहीं है । सहायक अभियंताओं को इस बार 31 मार्च तक हर हाल में कार्यमुक्त हो जाना था लेकिन वे अभी भी जुगाड़ की आस में पड़े हुए हैं । तभी तो प्रमुख अभियंता (विकास एवं विभागाध्यक्ष) को पत्र लिखकर वर्षो से जमे इन सहायक अभियंताओं को कार्यमुक्त किये जाने के लिए कहना पड़ रहा है ।




अब देखना है कि योगी सरकार की दूसरी पारी में इन सहायक अभियंताओं को कार्यमुक्त किया जाता है कि नहीं। लेकिन जिस तरह से ट्रांसफर ट्रांसफर का खेल लोकनिर्माण विभाग में वर्षों से चल रहा है, इस बार क्या होता यह तो देखने वाली बात होगी ।




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