Monday, May 20, 2024
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चुर्क नगर पंचायत में टेंडर पेंडिंग रख अपने चहेतों को टेंडर देने की हो रही कोशिश

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(समर सैम)
सोनभद्र। चुर्क नगर पंचायत में टेंडर के खेल को देखकर कहीं से भी यह नहीं लगता कि यह लोकतांत्रिक सरकार की प्रक्रिया का एक हिस्सा है। ऐसा लगता है कि यह बाऊ की खेती है जब जैसा चाहा वैसा कर लिया। किसी के बाप का कोई साझा नहीं है। मनमौजी ये जिसे चाहें टेंडर दें या जिसे चाहें उसे टेंडर न दें। जब चाहें खोलें, जब चाहें न खोलें। नगर पंचायत चुर्क का तानाशाही रवैया देखकर कहीं से यह नहीं लगता कि यह लोकतांत्रिक भारत का हिस्सा है। चुर्क नगर पंचायत अध्यक्ष के ज़बान से निकले अल्फ़ाज़ ही आदेश बन जाते हैं। अध्यक्ष के आदेश पर नाचता है यहां का कानून।

चुर्क नगर पंचायत में एक महीने पहले करोड़ो रूपये से कराए जाने वाले कार्यों को कराए जाने के लिए निविदाएं निकली गयी पर उनकी टेक्निकल बिड खोलने के बाद महीनों से अधिक समय से उनकी फाइनेंशियल बिड न खोलकर टेंडर को होल्ड करके रखा गया है। बताते चलें कि कमीशनखोरी एवं अपने चहेते फर्मों के फेवर में टेंडर जारी करने के लिए तरह तरह के हथकण्डे अपनाये जा रहे हैं।

इस पर चुर्क नगर पंचायत के पंजीकृत ठेकेदार शरद सिंह ने गम्भीर आरोप लगाये हैं। शरद सिंह का कहना है कि नगर पंचायत चुर्क में जान बूझकर टेंडर प्रक्रिया को होल्ड करके रखा जा रहा है। इससे ईओ और अध्यक्ष की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लगना लाज़िमी है। शरद सिंह से पहले कुछ और ठेकेदारों ने भी चुर्क नगर पंचायत के टेंडरों के अधर में लटकने पर गंभीर आरोप लगा चुके हैं।

आखिर चुर्क नगर पंचायत में टेंडर को लेकर इतनी अंधेरगर्दी क्यों है। इसकी जांच आखिर कौन जिम्मेदार विभाग करेगा। फ़िलहाल लगातार योगी आदित्यनाथ सरकार के ज़ीरो टॉलरेंस की पॉलिसी का सरे बाज़ार जनाज़ा निकाला जा रहा है चुर्क नगर पंचायत दफ़्तर में। इसपर नगर पंचायत चुर्क के ईओ का गोलमाल जवाब है कि कतिपय कारणों से टेंडर प्रक्रिया में विलंब हो रहा है। आरोप को बेबुनियाद बताने से भी ईओ महोदय गुरेज़ नहीं कर रहे।

वहीं जेई के पास समय न होने का भी हवाला देते हुए ईओ ने बताया कि टेंडर में इस वजह से भी कुछ देरी हुई है। इसपर शरद सिंह ने भी जेई की कारस्तानी पर गंभीर आरोप लगाये। आखिर इतने गम्भीर आरोप लगने के बाद भी जांच क्यों नहीं की जा रही। इस घोर लापरवाही को देखकर ऐसा लगता है कि माले मुफ़्त दिले बेरहम हो गये सभी ज़िम्मेदार विभाग।

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