लखनऊ । विंध्यलीडर संवादाता। उत्तर प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वोटर लिस्ट में किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी । चुनाव आयोग ने यह चेतावनी प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीएम) को चेतावनी दी है।

चुनाव आयोग ने कहा कि वोटर लिस्ट में किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और जिलाधिकारी नपेंगे। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने सभी जिलाधिकारी को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी चुनाव में लगे सभी अधिकारी किसी से भी अपना लॉगिन व पासवर्ड साझा नहीं करेंगे। ऐसी शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई होगी। शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से जारी किए गए निर्देशों के अनुसार जिलाधिकारी डीएम खुद ईसीआई नेट एप पर प्रतिदिन लॉगिन कर मतदाता सूची से संबंधित कार्यों की समीक्षा करें। मतदाता फॉर्म-छह, छह-ए, सात व आठ के लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण करें। मतदाता सूची संबंधित शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारण करने को नियमित समीक्षा करें।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिलाधिकारियों से यह भी कहा बुक ए कॉल विद बीएलओ की कोई भी कॉल रिक्वेस्ट 48 घंटे से अधिक लंबित न रहे। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा -13 क तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 एवं भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार जिला निर्वाचन अधिकारी यानी जिलाधिकारी अपने जनपद में मतदाता सूची से संबंधित समस्त कार्यों के समन्वय, पर्यवेक्षण, अनुश्रवण एवं गुणवत्ता नियंत्रण के लिए उत्तरदायी होते हैं। यह जिम्मेदारी केवल निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों अथवा अधीनस्थ अधिकारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी अंतिम प्रशासनिक एवं पर्यवेक्षणीय जिम्मेदारी जिलाधिकारी की होती है।