विनोद सिंह

लखनऊ । विंध्यलीडर संवाददाता । सपा मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कल यानी गुरुवार को रामपुर में आजम खां से मुलाकात करेंगे। मिनट टू मिनट कार्यक्रम जारी हो गया है। दोनों नेताओं के बीच करीब 45 मिनट तक गुफ्तगू होगी। वहीं, इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं हैं। माना जा रहा है कि बातचीत के दौरान मौजूदा राजनीतिक हालात, आगामी चुनाव की रणनीति, सीटों के समीकरण और संगठन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है। हालांकि, मुलाकात के बाद ही यह साफ हो पाएगा।

निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, अखिलेश यादव सुबह 11 बजे लखनऊ से रवाना होंगे और 11:45 बजे बरेली पहुंचेंगे। यहां से हेलीकॉप्टर के जरिए दोपहर 12:20 बजे जौहर यूनिवर्सिटी के हेलीपैड पर उतरेंगे। इसके बाद वह सीधे जिला कारागार पहुंचेंगे। दोपहर 12:45 बजे आजम खां से मुलाकात का कार्यक्रम तय है। जेल में करीब 45 मिनट तक बातचीत के बाद अखिलेश यादव आजम खां के घर जाएंगे और परिवार के लोगों से मुलाकात करेंगे।

चुनाव आते ही अखिलेश को आजम की याद आई: राजभर

उधर, योगी सरकार में मंत्री और सुभासपा चीफ ओम प्रकाश राजभर ने दोनों नेताओं के मुलाकात पर तंज कसा था। उन्होंने कहा था कि अखिलेश यादव को चुनाव के समय आजम खां की याद आ रही है। आजम का जेल जाने का पूरा क्रेडिट अखिलेश और सपा नेताओं को जाता है।

ओम प्रकाश राजभर ने कहा, 'लंबे समय के बाद चुनाव आने पर सपा मुखिया अखिलेश यादव को अचानक आजम खां की याद आ गई है। यह कदम साफ तौर पर मुसलमानों को, जो अभी उनसे दूर जा रहे हैं, उनके पाले से जाने से रोकने के लिए है। अगर चुनाव नहीं होते, तो अखिलेश कभी आजम खां से मिलने की ज़हमत नहीं उठाते। उनका जेल जाना सिर्फ एक चुनावी जुमला है, मुस्लिम कम्युनिटी को गुमराह करने की एक सोची-समझी कोशिश है। इसमें कोई असली दम नहीं है। जहां तक आजम खान के जेल जाने की बात है, तो उसका पूरा क्रेडिट समाजवादी पार्टी के नेताओं और उनके मुखिया अखिलेश यादव को जाता है।'