Tuesday, October 4, 2022
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सोमवार को होगा यूपी में सातवें चरण का चुनावी घमासान

उत्तर प्रदेश का चुनाव अब अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है. सोमवार को सातवें चरण में यूपी पूर्वांचल के सोनभद्र , आजमगढ़ , मऊ , जौनपुर , गाजीपुर , चंदौली , वाराणसी , मिर्जापुर , और भदोही और जिले की 54 सीटों में मतदान होना हैं जबकि 2017 के विधानसभा चुनाव के सातवें चरण में यहाँ बीजेपी और उसके सहयोगियों ने इन 54 सीटों में से 36 सीटें जीतीं थीं.

राजेंद्र द्विवेदी और ब्रजेश पाठक की रिपोर्ट

लखनऊ ।  उत्तर प्रदेश का चुनाव अब अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है. सात मार्च को सातवें और अंतिम चरण का मतदान है. 7वें फेज में पूर्वांचल के आजमगढ़ से वाराणसी तक के 9 जिलों की 54 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है. फाइनल फेज़ में 613 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा.

यूपी के सातवें चरण में पूर्वांचल के आजमगढ़, मऊ, जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, मिर्जापुर, भदोही और सोनभद्र जिले की 54 सीटें शामिल हैं. गौरतलब है कि 10 फरवरी को पहले चरण के मतदान के साथ ही हर चरण में सियासी पारा चढ़ता गया. पहले छह चरण की 349 सीटों पर चुनाव पूरा हो चुका है.

सातवें और अंतिम चरण में बीजेपी और सपा के साथ-साथ उनके सहयोगी दलों की भी अग्नि परीक्षा होनी है. आजमगढ़ और जौनपुर जिले को सपा का गढ़ माना जाता है जबकि मऊ और गाजीपुर में उसके सहयोगी सुभासपा के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर और जनवादी पार्टी के प्रमुख संजय चौहान का असर माना जाता है. वहीं, बाकी जिलों में बीजेपी और उसके सहयोगी अपना दल (एस) का प्रभाव माना जाता है.

गौरतलब है कि 2017 के विधानसभा चुनाव में सातवें चरण में 54 सीटों में से बीजेपी और उसके सहयोगियों ने 36 सीटें जीतीं थीं. इनमें बीजेपी को 29, अपना दल (एस) को 4 और सुभासपा को 3 सीटें मिलीं थीं. वहीं, सपा ने 11 सीटें, बसपा ने 6 सीटें और निषाद पार्टी ने एक सीट जीती थी. कांग्रेस खाता नहीं खोल सकी थी.

आजमगढ़ की 10 सीटों में सपा ने 5, बसपा ने 4 और बीजेपी ने एक सीट पर कब्जा जमाया था. मऊ जिले की 5 सीटों में से 4 बीजेपी और एक बसपा ने जीती थी. जौनपुर जिले की 9 में से 4 बीजेपी, एक अपना दल (एस), 3 सपा और एक बसपा को मिली थी. गाजीपुर की 7 सीटों में से 3 बीजेपी-सुभासपा, दो सपा ने जीतीं थीं. चंदौली की चार में से 3 बीजेपी और एक सपा के खाते में आई थी.

वाराणसी की 8 में से 6 सीटें बीजेपी, एक अपना दल (एस) और एक सुभासपा ने जीती थी. भदोही की 3 में से दो बीजेपी और एक निषाद पार्टी को मिली थी. मिर्जापुर की पांच में से 4 बीजेपी और एक अपना दल (एस) के खाते में आई थी. वहीं सोनभद्र की 4 विधानसभा सीटों में से तीन पर बीजेपी और एक पर अपना दल (एस) ने कब्जा जमाया था.

गौरतलब है कि 2017 में मोदी लहर ने विपक्ष का सूपड़ा साफ कर दिया था लेकिन इस बार स्थिति वैसी नहीं है. जहाँ तक सोनभद्र के सीटों का सवाल है तो इस बार इस जनपद में कमल खिलाना काफी मुश्किल दिख रहा है यही वजह है कि बीजेपी ने अपनी स्थिति को पूर्ववत बनाए रखने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है. खुद पीएम मोदी ने प्रचार की कमान अपने हाथों में ले रखी है.

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