Thursday, December 8, 2022
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आजादी की लड़ाई में आदिवासियों के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता : संजीव गोंड़

सोनभद्र। चतरा विकास खण्ड अंतर्गत पटना शिव मंदिर प्रांगण में मंगलवार को विशाल आदिवासी करमा महोत्सव का आयोजन किया गया । इसी के साथ ही एक माह तक चलने वाले आदिवासी महोत्सव का समापन भी हुआ । कार्यक्रम के मुख्य अतिघि जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष गणेश राम भगत थे । इस दौरान आदिवासी कलाकारों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया । विभिन्न विभागों द्वारा शिविर लगाकर सरकार की योजनाओं का प्रचार प्रसार किया गया ।

जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष गणेश राम भगत ने कहा कि आदिवासियों से ही देश की पहचान है भारत में विभिन्न प्रकार की विविधताएं मौजूद हैं। भारत मे जो विविधता मौजूद है वह आदिवासियों के चलते है। आदिवासी हमारी सभ्यता व संस्कृति की पुरानी धरोहर व पहचान हैं । उत्तर प्रदेश का सोनभद्र , मिर्जापुर , चंदोली ललितपुर , झांसी , बांदा आदि जनपद जनजातियों के केंद्र बिंदु है । इनकी सभ्यता व संस्कृति में हमें जीवन जीने की कला का ज्ञान होता है । आदिवासियों के बगैर भारत की परिकल्पना अधूरी है । उन्होंने यह भी कहा कि हम यदि आदिवासियों के साथ मिलकर कदम से कदम बढ़ा कर नहीं चलेंगे तो हमारी भारतीय संस्कृति व सभ्यता का नुकसान होगा । प्रदेश सरकार के समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव गोंड़ ने कहा कि आजादी की लड़ाई में आदिवासियों का बहुत बड़ा योगदान रहा है । हम आजादी के आंदोलन में आदिवासियों के योगदान को भुला नहीं सकते।भारत को गुलामी की बेड़ियों से आजाद कराने में अदीवासी समाज का अप्रतिम योगदान रहा है। अंग्रेजों से लोहा लेने के लिए सर्वप्रथम बस्तर के बिरसा आदिवासी समाज के लोगों ने आजादी की अलख जगाई । उनके नेतृत्व में लाखों आदिवासिया ने अंग्रेजों के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया ।सिद्धू कान्हू , वीर भगत आदि आदिवासी क्रांतिकारियों ने अंग्रेजो के दांत खट्टे कर दिए।

सदर विधायक भूपेश चौबे ने कहा कि आदिवासियों के बगैर हम अधूरे हैं । हमारी परंपरा अधूरी है ,हमारी संस्कृति हमारी सभ्यता अधूरी है । सोनभद्र में लगभग 50 फीसदी आबादी अनुसूचित जनजाति अनुसूचित जाति की है । हम इनके बगैर अधूरे हैं । उत्तर प्रदेश सरकार व भारत सरकार इनके लिए तमाम कल्याणकारी योजनाओं का संचालन कर रही है । भाजपा के शासनकाल में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई ने ही आदिवासी मंत्रालय का गठन कर आदिवासियों के उत्थान व सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए आदिवासी मंत्रालय के अधीन अनेकों योजनाओं का संचालन किया था जिसे वर्तमान मोदी सरकार में आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है।

अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष रामनरेश पासवान ने कहा कि भारत सरकार व उत्तर प्रदेश सरकार ही नहीं बल्कि जहां भी भारतीय जनता पार्टी की सरकार है उन राज्यों में आदिवासियों, जनजातियों व अनुसूचित जाति के लोग पूरी तरह सुरक्षित है । कर्मा महोत्सव के इस आयोजन में सोनभद्र के तमाम आदिवासियों ने अपनी प्राचीन सभ्यता संस्कृति व धरोहर से संबंधित सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रस्तुतीकरण किया । कार्यक्रम का शुभारंभ कर्म देवता के पूजा अर्चना से शुरु हुआ। इस महोत्सव में समाज कल्याण विभाग के द्वारा तीस आदिवासी महिलाओं को टेलरिंग शाप के लिए नब्बे सिलाई मशीन का वितरण किया गया । शादी अनुदान योजना के अंतर्गत 19 लाभार्थियों को 20- 20 हजार रुपए का चेक प्रदान किया गया । इसके अलावा अनुसूचित जाति के चार लाभार्थियों को को 20-20 हजार रुपए के चेक दिया गया । सामान्य जाती के 6 लाभार्थियों को एक लाख 20 हजार का चेक प्रदान किया गया । भाजपा जिलाध्यक्ष अजित चौबे ने धन्यवाद ज्ञापित किया । इस मौके पर दूध नाथ कुशवाहा , प्रवीण सिंह , गोपाल जायसवाल , जवाहर जायसवाल , बुद्ध नारायण धांगर , हिरेश बिक्रम के अलावा तमाम लोग मौजूद रहे । ,

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