Thursday, July 7, 2022
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सेंचुरी एरिया में मानक के विपरीत संचालित टोल प्लाजा को तत्काल हटवाया जाय-संतोष पटेल

सोनभद्र। जनता दल यूनाइटेड के जिलाध्यक्ष संतोष पटेल एड0 ने उपशा के सीईओ को पत्रक भेजकर सेंचुरी एरिया में मानक के विपरीत संचालित टोल प्लाजा को तत्काल हटवाए जाने की मांग की है। जो 115 किमी0 की सड़क पर मानक के विपरीत दो की जगह तीसरा टोल स्थापित किया गया है।

जदयू जिलाध्यक्ष पटेल ने उ0प्र0 राज्य राजमार्ग प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के अलावा एन.जी.टी. समेत अन्य को भेजे गए शिकायती पत्रक के माध्यम से मांग किया है कि वाराणसी- शक्तिनगर राज्य राजमार्ग एस.एच. 5ए की निर्मित कुल दूरी 115 किमी0 (नरायनपुर से हाथीनाला तक) के बीच नियम विरूद्ध तथा अवैध रूप से स्थापित व संचालित लोढ़ी टोल प्लाजा पूर्णतया सेंचुरी एरिया में स्थापित है। जिसकी दूरी का निर्धारण नरायनपुर से हाथीनाला तक किया गया है। जबकि इसके ठीक विपरीत टोल टैक्स का निर्धारण हाथीनाला से नरायनपुर की तरफ बढ़ते (आरोही) क्रम में किया गया है। इतना ही नहीं उक्त टोल प्लाजा की दूरी व टोल टैक्स का निर्धारण मनमानी तरीके से किया गया है।

इस संबंध में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 29 अगस्त 2011 को जारी एक पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर एक ही प्रभाग व एक ही दिशा में 60 किमी0 से पहले टोल प्लाजा स्थापित नहीं किया जाएगा। इसी प्रकार उ0प्र0 राज्य राजमार्ग प्राधिकरण नियमावली, 2011 की धारा 8(2) के अनुसार-‘‘राज्य राजमार्ग के एक ही प्रभाग पर और एक ही दिशा में 50 किमी0 की दूरी के भीतर कोई दूसरा टोल प्लाजा स्थापित नहीं किया जाएगा।‘‘ इससे स्पष्ट है कि बनाए गए राज्य राजमार्गों पर कम से कम प्रत्येक 50 किमी0 की निर्धारित दूरी में एक टोल प्लाजा स्थापित किए जाएंगे। इस प्रकार निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि 50 किमी0 की दूरी पर एक टोल प्लाजा लगाने के बाद, राज्य राजमार्ग एस.एच. 5ए की शेष बची सड़क की बात करें तो केवल 65 किमी0 सड़क ही अन्य टोल प्लाजा लगाने हेतु निर्धारित दूरी बचती है। जिसमें किसी भी दशा में एक से अधिक टोल प्लाजा लगाया ही नहीं जा सकता है। ऐसी स्थिति में स्पष्ट है कि किसी भी दशा में उक्त राज्य राजमार्ग एस.एच. 5ए की निर्धारित दूरी में 02 टोल प्लाजा ही लगाए जा सकते हैं। इसके बावजूद टोल कंपनी द्वारा 03 टोल प्लाजा (क्रमशः पहला- किमी0 प्रदर्शित नहीं, दूसरा- 72 किमी0 तथा तीसरा- 108 किमी0 में) स्थापित कर आम जनता से खुलेआम अवैध वसूली की जा रही है। इस प्रकार वाहनों से लगभग दो गुनी दूरी (72+108+शेष प्रदर्शित नहीं= 200 किमी0 लगभग) के राजमार्ग की टैक्स वसूली की जा रही है। जो न केवल आम जनता का खुलेआम आर्थिक शोषण है, अपितु एक बहुत बड़े आर्थिक घोटाले की आधारशीला भी है।

संतोष पटेल की मानें तो उ0प्र0 राज्य राजमार्ग प्राधिकरण नियमावली, 2011 की धारा 8(1) के अनुसार- कंसेशनेयर नगर पालिका की सीमा से 05 किमी0 की दूरी के बाहर टोल प्लाजा स्थापित करेगा। लेकिन लोढ़ी टोल प्लाजा रावर्ट्सगंज नगर पालिका की सीमा से लगभग 04 किमी0 के भी अंदर की सीमा में स्थापित है। जबकि उपरोक्त धारा 8(1) का अग्रतर प्राविधान भी रावर्ट्सगंज नगर पालिका वासियों पर लागू नहीं होती है। क्योंकि उपरोक्त राज्य राजमार्ग का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर रावर्ट्सगंज नगर पालिका वासियों के उपयोग हेतु निर्मित नहीं है।

जदयू जिलाध्यक्ष पटेल ने अत्यंत ही गंभीरता के साथ चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लोढ़ी टोल प्लाजा का सबसे ज्यादा गंभीर/ घातक प्रभाव वन्य जीवों पर पड़ रहा है। जैसा कि यह सर्वविदित है कि एस.एच. 5ए के किमी0 72 के चारों तरफ 501 वर्गकिमी0 में फैले इस पूरे क्षेत्र को 1982 में ही वन विभाग द्वारा वन्य जीवों हेतु संरक्षित इलाका कैमूर वन्यजीव विहार (सेंचुरी एरिया) घोषित किया जा चुका है। जो न केवल काले हिरन के लिए प्रसिद्ध है, अपितु इस इलाके में चिंकारा, नीली गाय, हिरन, सांभर, चीतल, भालू, तेंदुआ इत्यादि विलुप्तप्राय वन्य जीव भी बड़ी मात्रा में पाए जाते हैं। जहां उक्त टोल प्लाजा पर टैक्स देने के लिए रूकने वाले भारी वाहनों के साथ ही अन्य छोटे एवं मझोले वाहनों की भारी लाइन लगना स्वाभाविक है, वहीं यह भी स्वाभाविक रूप से देखा जाता है कि लाइनों में लगे भारी वाहनों द्वारा अति ध्वनि प्रदूषक यंत्रों (प्रेशर हार्न) का प्रयोग लगातार इस मंशा से किया जाता है कि जल्दी से वे आगे निकल जांय। जिससे संबंधित संरक्षित इलाके में अर्थात् कैमूर वन्यजीव विहार (सेंचुरी एरिया) में काफी कोलाहल का सा वातावरण उत्पन्न हो जाता है तथा जल्दी से आगे निकलने की होड़ में वाहन चालक एकसाथ भारी मात्रा में तेजी से धुंआ भी निकालते हैं। जिनका निरीह वन्य जीवों पर दुष्प्रभाव पड़ना लाजिमी है। ‘‘इसके बावजूद सेंचुरी एरिया के संरक्षकों व वन्यजीव प्रेमियों तथा जिम्मेदार नागरिकों एवं जवाबदेह अधिकारियों की चुप्पी काफी आश्चर्यजनक है।’’ ऐसे में उपरोक्त के आधार पर श्री पटेल की स्पष्ट मांग है कि संचालित तीनों टोल प्लाजा में से एस.एच. 5ए के किमी0 72 में स्थित लोढ़ी टोल प्लाजा ही तत्काल हटाए जाने की शर्तों को पूरा करता है, इसलिए लोढ़ी टोल प्लाजा को जनहित एवं पर्यावरण व प्रतिबंधित जीव- जंतुओं के हित में तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जाना चाहिए।

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