Monday, May 20, 2024
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राबर्टसगंज में जश्न ए गौसुल्वरा की बशारत पर अक़ीदतमन्दों का सैलाब

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रॉबर्टसगंज। ज़िला सोनभद्र के मरकज़ राबर्टसगंज में क़ायनात की ज़ीनत जश्न ए गौसुल्वरा के मुबारक मौके पर इबादत और सवाब की शबभर बारिश से आशना होते रहे अक़ीदतमन्द। गौसुल्वरा की चांदनी से
से शादाब रहा सदर मुस्ताक खान की दहलीज़,गली और मुहल्ला। चारों सिम्त दीनी इल्म का नूर आलिमों और ज़ाकिरों कि तक़रीर से गुलज़ार रहा।
दीनी जलसे का इंतेख़ाब अंजुमन ए इस्लामिया के सदर ए आला इज़्ज़त ओ हामिल ख़ादिम ए गौसुल्वरा आशिक ए रसूल जांनिसार ए इस्लाम जनाब सदर मुश्ताक़ अहमद खान के दौलतखाने पर शब ए तक़रीर से गुलज़ार रहा।

दीन ए जलसे के मुबारक मौके पर देश के शोरा ए इकराम, ज़ाकिर, हाफ़िज़ ओ आलिम ने महफ़िल को खिताब किया। मुफ़्ती ए शायर इज़्ज़त ओ हामिल हाफ़िज़ इकराम ने अपनी दमदार नातिया कलाम से इज़तेमा को ज़ीनत ए इश्क़ से आशना किया। आपके कलाम सुनकर अक़ीदतमन्दों का ईमान ताज़ादम हो गया। दीनी जलसे के इस मुबारक मौके पर मारूफ़ हस्तियों ने इस्लाम के जांनिसारों की शान में क़सीदे पढ़ें। जिससे हज़ारों अक़ीदतमन्दों का दीन ए ईमान तरोताज़ा हो गया। जामिया अल अज़हर मिस्र के फ़ारिग ए तालिब इज़्ज़त ओ इस्लाम ज़ीनत ए मोमिन इल्म ओ नूर का रोशन चराग़ मुफ़्ती रोशन रज़ा अजहरी मियां झारखण्ड से तशरीफ़ लाये।

आपने अपनी रूहानी ज़ाकिरात से दुनियां ए फानी को दीन ए नूर के इल्म से मुनव्वर कर दिया। शायर ए इस्लाम जनाब हामिद रज़ा झारखण्डी, हसन रज़ा झारखण्डी, बकमाल ज़ाकिर मौलाना सग़ीर अहमद साहब ने अपने दिलकश अंदाज़ से महफ़िल को दरिया ए नूर से शादाब कर दिया। ईमाम ए पेशवा छोटी मस्जिद पूरबमहाल आलिम ए हाफ़िज़ मौलाना खुर्शीद अहमद साहब, शायर नियाज़ सोनभद्रवी, हाफ़िज़ मुख़्तार अहमद साहब, कारी शमीम अहमद साहब ने अपनी अपनी रूहानी तकरियाज़ से ऐसी जलवा अफ़रोज़ समा बांधा कि महफ़िल के हर सिम्त से वाह!वाह!की सदा आ रही थी। दीनी जलसे की सदारत मौलाना इबादत हुसैन मिस्बाही साहब ने बकमाल तरीके से सर अंजाम दिया। वहीं महफ़िल की निज़ामत हाफ़िज़ जावेद साहब ने निहायत ही रूहानी और दिलकश अंदाज़ में पेश किया। दीनी जलसे को क़ामयाब बनाने के लिए सदर मुश्ताक़ खान साहब ने दिन रात एक कर दिया था।

अक्लियती तबका का कहना है कि इज़्ज़त ओ हामिल सदर मुश्ताक़ खान का नाम ही खुद क़ामयाबी का ज़ामिन है। ऐसे में इस दीनी जलसे को क़ामयाबी का सफ़र तय करना ही था। इस मुबारक मौके पर शानदर तरीक़े से मस्जिद और मुहल्ले को सजाया गया था। इस मौके पर बच्चों की मुसलमानी का भी एहतराम सुन्नत तरीक़े से किया गया। साथ ही दीनी तबलीग़ के साथ ही जलसे में शरीक अक़ीदतमन्दों के लिए खाने का भी इंतेज़ाम किया गया था। इस मुबारक मौके पर जलसे में अक्लियती लीडर हिदायत उल्लाह खान, अज़हर बख्शा, शिब्ली, सिराजुद्दीन खान, हाज़ी सलीम हुसैन, मुनीर अहमद खान, जमील अहमद सिद्दीकी, राजू इस्राइल शु हाउज़, रिज़वान उर्फ बाबू, तनवीर, सीपू, सामी, फ़िरोज़ खान, शानू, पप्पू और दानिश चायपत्ती वगैरह रोबेर्टसगंज शहर के दानिशमंदों ने शिरक़त किया।

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