Thursday, February 29, 2024
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प्रदेश में खोई हुई सियासी जमीन हासिल करने की जद्दोजहद में जुटी बसपा , ‘गांव चलो’ अभियान को किया तेज

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सपा के प्रशिक्षण शिविर पर को लेकर बसपा ने कहा कि वह कहां जाएंगे हमें उस से मतलब नहीं. हम कहां जा रहे हैं यह देख रहे हैं, हम गांव गांव, घर घर, हर गली कूचे में जा रहे हैं.

लखनऊ । यूपी में अपनी खोई हुई सियासी जमीन हासिल करने की जद्दोजहद में लगी बसपा आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारी में पूरे दमखम के साथ जुट गई है. पिछले दिनों बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रदेश भर के पदाधिकारियों साथ बैठक में जो निर्देश दिए थे उस पर भी पार्टी ने काम तेज कर दिया है. वोट हमारा, राज तुम्हारा, नहीं चलेगा के नारे के साथ बसपा ने गांव चलो अभियान की मुहिम तेज कर दी है. बूथ स्तर पर कमेटियों का गठन भी किया जा रहा है.

बसपा अध्यक्ष मायावती ने पार्टी के पदाधिकारियों से साफ कहा है कि गांव गांव जाकर काडर वोटर को समझाओ, जो पार्टी से दूर हो रहे हैं उन्हें जोड़ो. मायावती ने पिछले महीने पार्टी पदाधिकारियों के साथ निकाय चुनाव की समीक्षा करने के साथ ही आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर रणनीति साझा की थी और इसी में यह नारा दिया था कि लोगों के बीच जाकर “वोट हमारा, राज तुम्हारा, नहीं चलेगा” का संदेश देना है. इसके ऊपर पार्टी ने काम शुरू कर दिया है. अगले 3 महीने तक प्रदेश भर में करीब 1 लाख, 70 हज़ार बूथ पर पार्टी के संगठन को मजबूत किया जाएगा. इसके साथ गांव गांव जाकर पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता वोट हमारा राज तुम्हारा नहीं चलेगा के नारे को भी बुलंद करेंगे.

UP Politics: यूपी में खोई हुई सियासी जमीन हासिल करने की जद्दोजहद में जुटी बसपा, 'गांव चलो' अभियान को किया तेज

बसपा के कोऑर्डिनेटर्स ने इस अभियान को लेकर बैठके भी शुरू कर दी हैं. आज राजधानी लखनऊ में लखनऊ मंडल की बैठक हुई. इस बैठक को बसपा एमएलसी व लखनऊ मंडल के कोऑर्डिनेटर भीमराव अंबेडकर ने किया. बैठक में लखनऊ मंडल के अंतर्गत आने वाले जिलों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे. पार्टी के नेताओं का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बसपा का वोटर बड़ी संख्या में है बस जरूरत है तो उसे दोबारा जोड़ने की. पार्टी का फोकस ग्रामीण क्षेत्रों के उन मुद्दों पर है जिन्हें लेकर अगर काम किया जाए तो वोटर साथ जुड़े. इसके अलावा महिलाओं की टीम भी गांव में खड़ी की जानी है. यह भी देखा जा रहा है कि पुराने कार्यकर्ताओं में अभी कितने लोग सक्रिय हैं, जो सक्रिय नहीं उन्हें बाहर का रास्ता भी दिखाया जा सकता है. नए लोगों को जोड़ने के साथ बूथ स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाएगी.

तेजी से चल रहा है कमेटी गठन का काम 

भीमराव अंबेडकर ने कहा कि बसपा अध्यक्ष मायावती के निर्देश पर आज लखनऊ मंडल की बैठक हुई. लगातार जिला कमेटी, विधानसभा कमेटी, सेक्टर कमेटी, बूथ कमेटी की समीक्षा कर रहे हैं. जो कमेटी का काम उसे गांव गांव जाकर बूथ, सेक्टर स्तर पर कर रहे. कमेटी गठन का काम तेजी से चल रहा, मायावती ने 3 महीने का समय दिया है. “वोट हमारा, राज तुम्हारा, नहीं चलेगा” इस बात को गांव-गांव में एक-एक मतदाता को समझाना है. बहुजन समाज पार्टी के संगठन को मजबूत करना है, 2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारी करनी है. सपा और बीजेपी के अभियानों को लेकर बसपा एमएलसी व मंडल कोऑर्डिनेटर भीमराव अंबेडकर ने कहा जमीन पर गांव में तो जो बहुजन समाज है, सर्वजन समाज के लोग हैं, गरीब लोग हैं वह बड़े पैमाने पर दुखी और पीड़ित हैं. बीजेपी जाती तो है लोगों के बीच, लेकिन जो वादे थे पूरे नहीं कर पा रही. लोगों की आस्था मायावती के प्रति है, लोग जानते हैं मायावती जो कहती हैं उससे ज्यादा करती हैं. उनको इस बात का विश्वास है कि बहन जी ने इस पूरे उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री रहते हुए जो काम किए हैं कोई नही कर सकता. और जब देश की बात आएगी तो मायावती ही देश की तकदीर और तस्वीर को बदल सकती हैं.

सपा वाले कहां जाएंगे हमें मतलब नहीं

सपा के प्रशिक्षण शिविर पर भीमराव अंबेडकर ने कहा कि सपा वाले कहां जाएंगे हमें उस से मतलब नहीं. हम कहां जा रहे हैं यह देख रहे हैं, मायावती के निर्देश पर हम गांव गांव, घर घर, हर गली कूचे में जा रहे हैं. गांव-गांव में जाकर इस नारे को बुलंद कर रहे कि वोट हमारा, राज तुम्हारा, नहीं चलेगा नहीं चलेगा. बीजेपी की टिफिन बैठकों पर भीमराव अंबेडकर ने निशाना साधते कहा बीजेपी के लोग बड़े लोग हैं, सक्षम लोग हैं. बताएंगे कि टिफिन में उद्योगपतियों ने क्या दिया है, दिखाएंगे जाकर. हम गरीब, कमजोर लोग हैं, खेत खलिहान में जाएंगे तो खाना भी जो मजदूर जमीन पर रखकर खाता है, हम टिफिन कहा करेंगे. इसी से साबित होता है कि बीजेपी पूंजीपतियों की पार्टी है, बड़े लोगों, धन्ना सेठों की पार्टी है. बसपा गरीब, मजलूम की पार्टी है, उसके साथ खड़ी है. जमीन पर जो हमारा गरीब कमजोर आदमी सुखी रोटी खा रहा हम उसके साथ जाकर जमीन पर बैठकर उसी सूखी रोटी में शामिल होकर जो बाबा साहब ने अधिकार दिए हैं उसके लिए संघर्ष करेंगे.

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