Tuesday, February 27, 2024
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परिषदीय विद्यालयों में हुए अंतर्जनपदीय तबादला में फंसा कई पेंच:तबादला पाए शिक्षकों की हालत है आसमान से टपके खजूर पर अटके वाली

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Sonbhadra news (सोनभद्र)। एक पुरानी कहावत है कि “आसमान से टपके और खजूर पर अटके ” कुछ इसी हालात से गुजर रहे हैं सोनभद्र के परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक जिन्होंने अंतर्जनपदीय तबादलों में अपने पसंदीदा जनपद में स्थानांतरण तो पा लिया पर उनके तबादलों में अब कई तरह के पेंच फंस जाने की वजह से वह या तो अपने पुराने वाले जनपद से रिलीव नहीं हो पा रहे या फिर जहां जिन जनपदों में उनका स्थानांतरण हुआ है वहां के हालत ऐसे हैं कि उन जिलों में उनका विरोध शुरू हो गया है।यही वजह है कि उनकी इस हालत पर यह कहावत फिट बैठती है कि आसमान से टपके तो खजूर पर अटके।

यहां आपको बताते चलें कि पिछले कई वर्षों से अंतर्जनपदीय स्थानांतरण पर रोक की वजह से सोनभद्र जनपद के परिषदीय विद्यालयों में उत्तरप्रदेश के दूरस्थ अन्य जनपदों के रहने वाले शिक्षकों ने अपनी नियुक्ति के बाद से ही अपने गृह जनपदों में या उसके आस पास के जनपदों में स्थानांतरण की बाट जोह रहे थे पर वर्तमान सरकार द्वारा गैर जनपद स्थानांतरण पर रोक लगाने की वजह से उनकी मुराद पूरी नही हो पा रही थी। जब इस वर्ष सरकार ने अंतर्जनपदीय तबादले की घोषणा की तो उन शिक्षकों को लगा कि उनकी मुराद अब पूरी हो जाएगी और सोनभद्र के हजारों शिक्षकों ने गैर जनपद स्थानांतरण के लिए आवेदन कर दिया। स्थानांतरण के लिए आये आवेदनों में से विचारोपरांत शासन ने सोनभद्र से 437 शिक्षकों का स्थानांतरण भी कर दिया।

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यहां आप सब को बताते चलें कि पहले से ही शिक्षकों की कमी से ही जूझ रहे सोनभद्र में इस अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के बाद गैर जनपद के लिए 437 शिक्षको के स्थानांतरित हो जाने और सोनभद्र में केवल 36 शिक्षकों के आने से यह आवाज उठ रही थी कि सोनभद्र की बेशिक शिक्षा बेपटरी हो सकती है इसलिए जब तक जिस अनुपात में इस जनपद से शिक्षक जा रहे हैं उसी अनुपात में शिक्षक नहीं आ जाते तब तक गैर जनपद स्थानांतरित शिक्षको को रिलीव न किया जाय।इसी बीच अंतर्जनपदीय तबादलों पर कुछ तकनीकी व कानूनी प्रक्रिया के वजह से शासन ने आंशिक तौर पर रोक लगा दी है तो जो इस रोक से बच गए हैं उनका कुछ अन्य वजहों से विरोध शुरू हो गया है।

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मिली जानकारी के मुताबिक इस अंतर्जनपदीय तबादले में 69000 शिक्षकों की भर्ती वाले उन शिक्षकों का भी दूसरे जनपदों में तबादला कर दिया गया जबकि उनके नियुक्ति के समय ही उनके स्थानांतरण आदि पर उच्च न्यायालय ने रोक लगा रखी है।ऐसे में जब यह बात शासन के संज्ञान में आई तो तत्काल ऐसे अध्यापकों के स्थानांतरण पर रोक सम्बन्धी आदेश जारी कर दिया। दूसरे गैर जनपदों में स्थानांतरण पाए उन शिक्षकों को भी विरोध का सामना करना पड़ रहा है जो सोनभद्र में बाद में नियुक्ति पाने के बाद भी प्रमोशन पाकर प्रधानाध्यापक बन गए जबकि जिन जनपदों में उनका स्थानांतरण हुआ है वहां उनसे पहले की नियुक्ति पाए अध्यापक अभी सहायक अध्यापक ही हैं।ऐसे में अब जब बाद नियुक्ति के बाद भी वह प्रधानाध्यापक होंगे जबकि उसी स्कूल में उनसे सीनियर सहायक अध्यापक होगा इसलिए वहां के अध्यापक इन जिलों में उनका विरोध शुरू कर दिए हैं ऐसे में वर्षो के इंतजार के बाद अपने मनपसंद जनपदों में स्थानांतरण के बाद भी उनकी हालत आसमान से टपके और खजूर पर अटके वाली हो गयी है।

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