Monday, May 20, 2024
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पत्रकारिता के महानायक गणेश शंकर विद्यार्थी की मनाई गई जयंती

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पत्रकारो ने गणेश शंकर विद्यार्थी की जयंती पर उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर डाला प्रकाश

—जयंती पर पत्रकारो ने उनकी राष्ट्रहित एवं समाज हित में किए गए योगदान को आत्मसात करने की बात कही, अर्पित किया श्रद्धा सुमन

विशेष संवाददाता की रिपोर्ट

सोनभद्र। महान पत्रकार एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गणेश शंकर विद्यार्थी की जयंती पर बुधवार को देर शाम जनपद के वरिष्ठ पत्रकार मिथिलेश प्रसाद द्विवेदी के अखाड़ा मोहाल स्थित आवास पर एक गोष्ठी आयोजित कर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें शत-शत नमन किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट के राष्ट्रीय पार्षद राजेश द्विवेदी ने और संचालन पत्रकार व अधिवक्ता राकेश शरण मिश्र ने किया। इस दौरान पत्रकारो ने गणेश शंकर विद्यार्थी जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें महान राष्ट्र वादी पत्रकार बताया।

सभा की अध्यक्षता कर रहे राजेश द्विवेदी ने कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी जी ने अपनी लेखनी का प्रयोग देश सेवा के लिए किया और अपनी ईमानदार पत्रकारिता के धर्म और कर्तव्य को निभाते हुए अपने आप को देश व समाज के लिए कुर्बान कर दिया। आज उनकी जयंती पर हम उन्हें सभी पत्रकारो की तरफ से श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं। सभा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार एवं मीडिया फोरम ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष मिथिलेश द्विवेदी ने कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी जी ने अपनी लेखनी से पत्रकारिता के इतिहास में एक ऐसा अनुकरणीय आयाम स्थापित किया जिसे कभी भुलाया नही जा सकता। ऐसे महान शलाका पुरुष एवं क्रांतिकारी पत्रकार की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए यहॉं उपस्थित पत्रकार साथियो से अपील करता हूँ कि उनकी राष्ट्रीय समुन्नति एवं सामाजिक सद्भाव स्थापित करने वाली पत्रकारिता का अनुसरण कर उसे अपने जीवन में उतारे और देश, काल तथा समाज के लिए निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता को जीवंतता प्रदान करें, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

वरिष्ठ पत्रकार अजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि निर्भीक पत्रकारिता के लिए गणेश शंकर विद्यार्थी जी को सदैव याद किया जाएगा। वहीं वरिष्ठ पत्रकार व अधिवक्ता राजेश कुमार पाठक ने कहा कि हमे अगर सही मायने में पत्रकारिता करनी हैं तो ऐसे महान पत्रकारो की लेखनी का अनुकरण करना होगा और उनकी क्रांतिकारी विचारधारा को आत्मसात करते हुए समाज के लिए कलम का प्रयोग करना होगा तभी राष्ट्र और समाज का हित हो सकेगा।

वरिष्ठ पत्रकार दीपक कुमार केसरवानी ने गणेश शंकर विद्यार्थी को नमन करते हुए कहा कि देश और सामाजिक सद्भाव के लिए निर्भीक पत्रकारिता धर्म का निर्वहन करते हुए उन्होंने अपनी प्राणों की आहुति देकर अपना नाम अमर किया जिसे हम कभी भूल नहीं सकते। पत्रकार एवं उत्तर प्रदेश व्यापार प्रतिनिधि मंडल के नगर अध्यक्ष कौशल शर्मा ने कहा कि गणेश शंकर जी ने अपनी अल्प कॉल की पत्रकारिता में कई नामचीन पत्रिकाओं व समाचार पत्रों में पत्रकारिता करते हुए अपनी पत्रकारिता में राष्ट्रीयता को सदैव शिखर पर रखा। पत्रकारिता में वे सादगी और ईमानदारी की प्रतिमूर्ति थे।

सँयुक्त अधिवक्ता महासंघ के प्रदेश सचिव वरिष्ठ अधिवक्ता उमापति पांडेय ने कहा कि देश व पत्रकारिता के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर करने वाले ऐसे महान पत्रकार को मैं अपना श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूँ। वही मान्यता प्राप्त पत्रकार मोइनुद्दीन मिंटू और युवा पत्रकार इमरान बख्शी ने भी गणेश शंकर विद्यार्थी को महान देशभक्त, निर्भीक व निष्पक्ष कलमकार बताते हुए उन्हें अपनी पुष्पांजलि अर्पित की। वहीं गोष्ठी का सफल संचालन कर रहे आल प्रेस एंड राईटर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव राकेश शरण मिश्र ने कहा कि महान क्रांतिकारी पत्रकार गणेश शंकर जी ने एक योद्धा की भाँति अपने पत्रकारिता धर्म का आजीवन देश व समाज सेवा के लिए पूरी ईमानदारी से पालन किया और 5 बार इस हेतु अंग्रेजी हुकूमत ने उन्हें जेल भी भेजा तमाम प्रकार की यातनाएं दी पर उन्होंने कभी भी अपने सिद्धांतों से समझौता नही किया और बिना डरे निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता धर्म का निर्वहन करते हुए अपने आप को पत्रकारिता व देश के लिए बलिदान कर दिया।

आगे कहा कि उनकी यही राष्ट्र हितकारी भावना आज भी हम पत्रकारो को नई स्फूर्ति और ऊर्जा का संचरण करता है। उनकी जयंती के अवसर पर आज हम पत्रकारो को उनके अनुकरणीय पत्रकारिता को आत्मसात करने का संकल्प लेना चाहिए तभी आज की गोष्ठी की सार्थकता सिद्ध सकेगी। वही बैठक में उपस्थित दर्जनों पत्रकारो ने एक स्वर में कहा कि गणेश शंकर जी ने पत्रकारिता में अपनी देश भक्ति,सादगी और ईमानदारी से एक मिसाल कायम किया है जो पत्रकारिता के इतिहास में हजारो वर्षो तक याद किया जाता रहेगा।इस अवसर पर दर्जनों अन्य कलमकार मौजूद रहे।

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