Tuesday, October 4, 2022
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पंजाब पुलिस के बजरंगी भाईजान : रियल हीरो : पन्द्रह साल से अपने परिवार से बिछड़े सोनभद्र के मुलायम को घर पहुंचाया सुखविंदर ने

–बेटे को देखकर छलके माता-पिता के आंसू ।

सोनभद्र। इस भौतिक जमाने मे एक तरफ जहां लोग काम धंधे के दबाव में एक दूसरे के लिए समय नहीं निकाल पाते हैं ऐसे में पंजाब पुलिस के ए एसआई सुखविंदर सिंह बदेसा ने मानवता की बड़ी मिशाल प्रस्तुत करते हुए अपने घर वालों से 15 वर्षों से बिछड़े बेटे को परिजनों से मिलवाया ।

जी हां यह कोई फिल्मी कहानी नहीं है अपितु एक हकीकत है लेकिन कहानी बिल्कुल फिल्मी लगती है।सालों पहले मुम्बइया फ़िल्म बजरंगी भाईजान ने सुनहरे पर्दे पर खूब सुर्खियां बटोरी जिसमे अपने माँ बाप से बिछुड़ी एक छोटी बच्ची जो गूंगी थी को उसके मां बाप से मिलाने के लिए बजरंगी भाईजान ने बिना वीजा के ही पाकिस्तान जाकर तमाम कष्ट सहते हुए उसे उसके परिजनों से मिलाते हैं।सोनभद्र के मुलायम की भी कहानी कुछ इसी तरह की है और फ़िल्म में यदि छोटी बच्ची गूंगी थी तो सोनभद्र की इस रियल कहानी में मुलायम भी दिमाग से थोड़ा कमजोर था और छोटी उम्र में घर से चले जाने के कारण अपने परिजनों अथवा घर परिवार के बारे में सही सही कुछ भी बता नहीं पा रहा था।आपको बताते चलें कि मामला सोनभद्र की ग्राम पंचायत बहुआर का है । जहां के चरघरवा टोला के निवासी अमर सिंह गौड का बड़ा बेटा मुलायम सिंह गौड़ पन्द्रह साल पहले मानसिक संतुलन खोने की वजह से घर छोड़कर भाग गया था । जो पता नहीं कैसे पंजाब राज्य के अमृतसर शहर पहुंच गया था । जहां मजदूरी के लिए लेबर सप्लाई करने वाले एक ठेकेदार के अंडर में रहकर दिहाड़ी पर मजदूरी करता था।

पंजाब से अपने साथ मुलायम को सोनभद्र लेकर पहुंचे एएसआई सुखविंदर सिंह बदेसा ने बताया कि 10 फरवरी को उक्त मुलायम सिंह ठेकेदार के माध्यम से उनके अमृतसर घर पर काम करने आया तो वह काम करते हुए मोबाइल पर सैड सांग सुनता था जो सुखविंदर को अंदर तक झकझोर देता था ।बस क्या था सुखविंदर सिंह ने मुलायम से उसकी तकलीफ जानने की कोशिश की तो चौकाने वाला मामला सामने आया।मुलायम तो अपने बारे में कुछ बता नहीं पा रहा था पर उसके साथ काफी दिनों से काम कर रहे बिहार के राजमिस्त्री ने बताया कि यह बहुत पहले जब बहुत छोटा था तभी किसी तरह अपने परिजनों से बिछुड़ गया और यहां आ पहुंचा है।बातचीत के दौरान मुलायम ने बताया कि उसके पिता का नाम अमर सिंह है वह झारखंड, सोनभद्र तो बता रहा था लेकिन उसके गांव का नाम वह भूल चुका था । लेकिन मुलायम को उसके टोला चरघरवा का नाम याद था। इसी आधार पर सुखविंदर सिंह ने सोशलमीडिया का सहारा लेकर सोनभद्र के कई लोगों से बात किया लेकिन पहले उन्हें कोई बेहतर रिस्पॉन्स नहीं मिला ।

इसके बाद भी सुखविंदर सिंह बदेसा ने फिल्मी कहानी की तरह ही हिम्मत नहीं हारी और सोनभद्र मे चरघरवा की तलाश करते हुए अपनी खोज जारी रखी। इसी खोज में उन्हें पूर्वांचल नव निर्माण मंच के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गिरीश पाण्डेय का नंबर मिला जिसके बाद उनकी खोज में नया मोड़ आया।बजरंगी भाईजान की फिल्मी कहानी में नवाजुद्दीन सिद्दीकी की तरह गिरीश पाण्डेय ने भी इस कहानी के रियल हीरो सुखविंदर सिंह भदेसा से बात करने के बाद मुलायम को उसके परिजनों से मिलाने में उनकी पूरी मदद की और पूर्वांचल नव निर्माण मंच के नेता गिरीश पाण्डेय ने मुलायम सिंह के घर की तलाश शुरु की जिसमें वरिष्ठ पत्रकार विनय सिंह चंदेल की भूमिका महत्वपूर्ण है। गिरीश पाण्डेय तथा विनय सिंह ने पहले नगवां ब्लाक प्रमुख आलोक सिंह के माध्यम से नगवां क्षेत्र में पड़ताल की लेकिन सफलता नहीं मिलने पर मुलायम सिंह से फोन पर बात की । वार्ता के दौरान मुलायम से उसके घर के आसपास की लोकेशन पूछने पर पहाड़ी पर शंकर जी का मंदिर तथा मेला लगने की बात जब मुलायम ने बताया तो इन लोगों को यह समझते देर ना लगा कि मामला कन्डाकोट पहाड़ी क्षेत्र के आस पास का है।

मंच के नेता गिरीश पाण्डेय ने बताया कि इसके बाद अमौली के प्रधान सुरेश शुक्ला तथा बसौली के प्रधान अवधेश गुप्ता से बात करने पर जानकारी हुई कि बहुआर गांव में एक चरघरवा टोला है। फिर क्या था प्रधान सुरेश शुक्ला मुलायम के घर पहुंचे और मुलायम के गायब होने की पुष्टी की ।

फिर क्या था फोटो और विडियो के आधार पर अपने परिजनों की पहचान मुलायम ने कर ली। मुलायम को घर पहुंचाने के लिए आतुर पंजाब पुलिस में ए एस आई सुखविंदर सिंह बदेसा ने खुद मुलायम को घर पहुंचाने का वादा फोन पर गिरीश पाण्डेय से किया ।

अंततः सुखविंदर सिंह बदेसा अपने साथ मुलायम सिंह को लेकर सोनभद्र शनिवार रात को मूरी एक्सप्रेस से पहुंच गये । रविवार दोपहर जब मुलायम सिंह अपने गांव घर पहुंचा तो भावुक माता-पिता की आंख छलक पड़ी । परिवार के सभी सदस्य भावुक हो गए और मुलायम को गले लगाने लगे ।

पूर्वांचल नव निर्माण मंच के महासचिव सूर्यकांत चौबे तथा पटवध के प्रधान मनोज दूबे ने कहा जो सुखविंदर सिंह बदेसा ने किया है वह मानवता की बड़ी मिशाल है। जिसके लिए सुखविंदर सिंह बदेसा को साधुवाद भी दिया और कहा कि इस युग में भी जब मानवता हर मोड़ पर हार रही हो ऐसे में इस तरह की कहानी देखकर सुखद अनुभूति होती है।

पंजाब से आये सुखविंदर सिंह बदेसा ने कहा मुलायम की घर वापसी में सोनभद्र के गिरीश पाण्डेय तथा विनय सिंह जी का बड़ा योगदान रहा है । यदि इनसे संपर्क ना होता तो आज पता नहीं मुलायम घर ना पहुंच पाता ।
मुलायम को देखने के लिए उसके घर पर दिनभर बड़ी संख्या मे आसपास के लोग आते रहे।




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