Friday, July 12, 2024
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नगर निकाय चुनाव में टिकटों की घोषणा होते ही राजनीतिक जमीन पर छिड़ा महाभारत, आखिर कौन है इस महाभारत का अर्जुन तो कौन धृतराष्ट्र

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विंध्यलीडर की सोनभद्र में राजनीति की पोस्टमार्टम करती रिपोर्ट

सोनभद्र।नगर निकाय चुनाव के दूसरे चरण के चुनावों हेतु नामांकन के लिए 24 अप्रैल अंतिम तारीख है और चुनावी मैदान में कूदने के इक्षुक राजनेताओं द्वारा अपने अपने राजनैतिक आकाओं के इर्द गिर्द परिक्रमा करने के बावजूद अंतिम तारीख के ठीक पहले जिन नामों की चुनावी मैदान में कूदने के लिए विभिन्न पार्टियों से घोषणाएं हुई हैं और पार्टी में उनकी सेवा के बाद भी जिन्हें टिकट नहीं मिला उसके बाद राजनीतिक जमीन पर तपिश बढ़ गयी है।वैसे तो किसी भी चुनाव में टिकटों की घोषणा होने के बाद थोड़ी बहुत राजनीतिक उठापटक तो होती ही है पर इस बार के निकाय चुनाव के लिए हुए टिकट बटवारे के बाद कुछ अधिक ही गर्मी महसूस किया जा रहा है।

राजनीति पर पैनी नजर रखने वाले कुछ राजनीतिज्ञ पंडितों की मानें तो टिकटों की घोषणा होने के बाद थोड़ी बहुत नाराजगी तो सभी दलों में देखी जा रही है पर सबसे अधिक राजनीतिक महाभारत सत्ताधारी दल में छिड़ने की सम्भावना है या फिर कह लें तो एक तरह से छिड़ ही गया है।सोनभद्र की एक मात्र नगरपालिका परिषद की सीट पर चुनाव मैदान में कूदने के इक्षुक कइयों के सपनों को चकनाचूर करते हुए सत्ताधारी पार्टी भाजपा से दुद्धी की पूर्व विधायक रूबी प्रसाद के नाम की घोषणा होते ही सत्ता के अंदरखाने की राजनीति में कइयों ने अपनी अपनी खिचड़ी पकानी शुरू कर दी है।

फिलहाल टिकटों की घोषणा होते ही नैपथ्य में चले गए कुछ नेताओं ने चट्टी चौराहों पर यह कहना शुरू कर दिया कि जब हम लोगों को राजनीति की मुख्यधारा से यह कह बाहर का रास्ता दिखाया गया कि यह लोग वर्तमान राजनीतिक पृष्टभूमि में फिट नहीं बैठते तब यही लोग पार्टी की इस नई मुहिम के अगुवा बने थे अब जब वही फार्मूला इन पर आजमाया जा रहा है तो इतनी हाय तौबा आखिर क्यूँ ? सोनभद्र की राजनीती पर पैनी नजर रखने वालों की मानें तो आने वाले समय मे जिस तरह की राजनीतिक मार काट देखने को मिलेगी वह अभूतपूर्व ही होगी और आने वाले समय मे ही यह यह पता चल पाएगा कि सोनभद्र में छिड़े इस राजनीतिक महाभारत में वह कौन है जिसने न जाने किस मोह में सत्ता के स्वाभाविक दावेदारों की तरफ से आंखे मूंद धृतराष्ट्र की तरह इस महाभारत की पटकथा लिखी तो कौन अर्जुन की तरह मछली की आंख पर निशाना साध अपने लक्ष्य का अनुसंधान किया और कौन इस राजनीतिक महाभारत के लिए द्रौपदी बनेगी तो आखिर कौन बनेगा द्रोणाचार्य ?

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