Tuesday, February 27, 2024
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दुष्कर्म के दोषी जसवंत चौहान को 10 वर्ष की कैद

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पाक्सो एक्ट:दोषी सूरज चौहान को 3 वर्ष की कैद
— साढ़े 10 वर्ष पूर्व 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हुए दुष्कर्म का मामला
–अर्थदंड की समूची धनराशि पीड़िता को मिलेगी

सोनभद्र। साढ़े 10 वर्ष पूर्व 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट सोनभद्र निहारिका चौहान की अदालत ने बृहस्पतिवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दुष्कर्म के दोषी जसवंत चौहान को 10 वर्ष की कैद एवं 50 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी जबकि पाक्सो एक्ट के दोषी सूरज चौहान को 3 वर्ष की कैद व 25 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड की समूची धनराशि पीड़िता को मिलेगी।


अभियोजन पक्ष के मुताबिक राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने 22 अक्तूबर 2017 को थाने में दी तहरीर देकर अवगत कराया था कि उसकी नाबालिग बेटियां क्रमशः 14 वर्ष व 16 वर्ष 22 अक्तूबर 2017 को शाम साढ़े सात बजे शौच के लिए गई थी कि झाड़ी में घात लगाकर बैठे छिपे जसवंत चौहान पुत्र मुन्ना चौहान व सूरज चौहान पुत्र कामेश्वर चौहान निवासीगण घुवास खुर्द थाना राबर्ट्सगंज ने दोनों लड़कियों को दौड़ाकर पकड़ लिया। बड़ी लड़की तो किसी तरह से छुड़ाकर उनके चंगुल से भागने में सफल हो गई लेकिन छोटी लड़की के साथ जसवंत चौहान ने जबरन दुष्कर्म किया।

इस पर पुलिस ने एफ आई आर दर्ज कर मामले की विवेचना प्रारम्भ किया। विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दुष्कर्म के दोषी जसवंत चौहान को 10 वर्ष की कैद एवं 50 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं पाक्सो एक्ट में दोषी सूरज चौहान को 3 वर्ष की कैद व 25 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

अर्थदंड न देने पर तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड की समूची धनराशि पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील दिनेश कुमार अग्रहरी, सत्य प्रकाश त्रिपाठी एवं नीरज कुमार सिंह ने बहस की।

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