Saturday, July 13, 2024
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खनन विभाग पर चला मुख्यमंत्री का चाबुक : भ्रष्टाचार में लिप्त खनन विभाग के 5 अधिकारियों / कर्मचारियों को किया निलंबित, 3 को मुख्यालय से संबद्ध कर जांच के दिये आदेश

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर भ्रष्टाचार में लिप्त खनन विभाग के पांच अधिकारियों/कर्मचारियों को निलंबित एवं तीन को मुख्यालय से सम्बद्ध कर दिया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश के कुछ मुख्य जनपदों में अवैध खनन व ओवरलोड परिवहन की शिकायत मिलने के बाद खनन निदेशालय ने टीम गठित कर बीते 8-9 फरवरी की रात में वाराणसी, जौनपुर, आजमगढ़, मऊ, मीरजापुर व झांसी में छापेमारी की। इस छापेमारी के दौरान 29 वाहन ऐसे मीले जो खनिजों का परिवहन बिना बैध कागजात अर्थात बिना एम एम 11 के परिवहन करते हुए पकड़े गए जबकि जहां भी खनन कार्य किया जाता है वहां से बाहर निकलने से पूर्व उनकी जांच की जाती है और इसी के साथ जिले के बाहर निकलने से पूर्व खनन विभाग की स्थापित जांच चौकियों पर भी खनन लेकर परिवहन करने वाले वाहनों की जांच की जाती है जहां चौबीसों घंटे जांच करने के लिए खनन विभाग के कर्मचारियों के साथ ही अन्य विभाग जो प्रवर्तन का कार्य करने के लिए लगाए गए हैं भी रहते हैं ,इसके बावजूद भी बिना परमिट अथवा ओवरलोड वाहनों का सड़क पर परिवहन करते पाया जाना निश्चित रूप से जांच में लगे लोगों की सत्य निष्ठा पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है।

यहां आपको बताते चलें कि निदेशालय की टीम को छापे के दौरान खनिजों का परिवहन कर रहे 21 वाहन बिना वैध अभिवहन प्रपत्र के तथा 08 वाहन अभिवहन प्रपत्र में अंकित मात्रा से अधिक मात्रा में खनिजों अर्थात ओवरलोड माल लेकर परिवहन करते हुए पाये गये, जिनका टीम द्वारा ऑनलाइन चालान किया गया। निदेशालय की टीम को वाहन चालकों और ट्रांसपोर्टरों से पूछ-ताछ करने पर यह भी पता चला कि खान अधिकारी और कर्मचारी अवैध परिवहनकर्ताओं से एंट्री फीस के रूप में अवैध धन की वसूली का कार्य किया जा रहा है और अवैध खनन सामग्री लेकर परिवहन कर रहे कुछ लोगों ने टीम को इसके सबूत भी दिए।

खनिजों के अवैध परिवहन में लिप्त इस खेल में जिन लोगो पर कार्रवाई हुई है उनमें पारिजात त्रिपाठी खान अधिकारी वाराणसी, विनीत सिंह खान अधिकारी जौनपुर, सुनील कुमार मौर्य, खान निरीक्षक आजमगढ़/मऊ व सुमित श्रीवास्तव, खनिज लिपिक शामिल हैं। इन्हें अवैध धन उगाही में शामिल पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई है। साथ ही राजाराम चौहान, खनिज मोहर्रिर को मुख्यालय सम्बद्ध कर दिया गया है।

आपको बताते चलें कि जनपद मीरजापुर से वाहनों पर अवैध रूप से अर्थात बिना परमिट अथवा परमिट पर निर्धारित मात्रा से अधिक मात्रा लेकर उपखनिज लेकर परिवहन कर रहे वाहनों के पकड़े जाने के द्दष्टिगत आशीष चौधरी खान अधिकारी मीरजापुर और झांसी के सर्वेक्षक के सम्बन्ध में शिकायतें मिलने पर अशोक कुमार मौर्य को तत्काल प्रभाव से मुख्यालय सम्बद्ध कर इनके खिलाफ भी जांच बैठा दी गई है। उक्त कार्यवाही पर उत्तर प्रदेश भूविज्ञान एवं खनन विभाग की सचिव/निदेशक रोशन जैकब ने कहा कि खनन विभाग अवैध खनन, खनिजों के अवैध परिवहन और खनिजों के परिवहन करने वाले ट्रकों की ओवरलोडिंग की जांच के लिए राज्यव्यापी अभियान चला रही है। जो भी कर्मचारी/अधिकारी इन कृत्यों में संलिप्त पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्यवाई की जाएगी। एक सवाल के जबाब में उन्होंने कहा कि जिन भी जिलों में खनिजों के खनन का कार्य किया जा रहा है उन जगहों पर निदेशालय की नजर है और खनिजों के अवैध खनन व परिवहन में जो भी अधिकारी/ कर्मचारी लिप्त पाए जाएंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही अमल में लायी जाएगी।सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जल्द ही कुछ अन्य अधिकारियों पर भी निदेशालय की तरफ से कार्यवाही सामने आ सकती है।

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