Tuesday, October 4, 2022
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कपड़ा व्यवसायी के मुनीम से दिनदहाड़े हुई लूट का पुलिस ने किया पर्दाफास, दो लुटेरे गिरफ्तार,अन्य की तलाश जारी

सोनभद्र। कोन थाना क्षेत्र में कोन-विंढमगंज मार्ग पर छह दिन पूर्व झारखंड के कपड़ा व्यवसायी के मुनीम से की गई तीन लाख के लूट का पुलिस ने आज खुलासा करते हुए घटना को अंजाम देने वाले दो को दबोच लिया। मिली जानकारी के मुताबिक घटना कपड़ा व्यवसायी के यहां से ही हटाए गए एक कर्मी द्वारा ही प्लान बनाकर करवाई गई थी। मामले का राजफाश होने के बाद पुलिस ने सोमवार को दबिश देकर हटाए गए कर्मी और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया गया और घटना में शामिल एक अन्य की तलाश जारी है। पूछताछ के बाद शाम को राबर्ट्सगंज कोतवाली में पत्र प्रतिनिधियों के समक्ष उनकी गिरफ्तारी सार्वजनिक की गई। कामयाबी पाने वाली टीम को डीआईजी-एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह की तरफ से नगद पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।

आपको बताते चलें कि गत 13 अप्रैल को कोन-विंढमगंज मार्ग पर झारखंड के गढ़वा निवासी कपड़ा व्यवसायी विनय कुमार गुप्ता के मुनीम विष्णु साव और एक अन्य कर्मी ताकिर अहमद से दिनदहाड़े तीन लाख की लूट होने की घटना सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। पहले देर तक कोन और विंढमगंज पुलिस के बीच सीमा विवाद का मामला उलझा रहा। इसके बाद शाम को कोन थाने में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू की गई।

डीआईजी एवं एसपी अमरेंद्र पसाद सिंह ने कोन पुलिस के साथ ही क्राइम ब्रांच की टीम गठित कर मामले के जल्द खुलासे के निर्देश दिए। एएसपी विनोद कुमार को उक्त लूट की घटना के पर्दाफास में लगाई गई पुलिस टीम के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी दी गयी।आज खुलासे की जानकारी देते हुए एएसपी ने कोतवाली रावर्ट्सगंज में बताया कि छानबीन के दौरान पता चला कि लूट की घटना के पीछे कपड़ा व्यवसायी के यहां से कुछ दिन पूर्व काम से हटाए गए व्यक्ति का हाथ हो सकता है।

इसके आधार पर जब पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि सोमवार को लूट में शामिल संबंधित कर्मी सत्येंद्र कुमार मेहता पुत्र स्व. रामअशीष मेहता निवासी भदुमा थाना व जिला गढ़वा, झारखंड और उसका एक साथी जितेंद्र रजक पुत्र कामेश्वर बैठा निवासी बरदरी थाना गढ़वा, झारखंड कोन थाना क्षेत्र के कुड़वा में मौजूद हैं। बताए गए जगह पर दबिश देकर कोन और क्राइम ब्रांच पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने अपने नाम की पुष्टि करने के साथ ही जानकारी दी कि सत्येंद्र जो कि कपड़ा व्यवसायी विनय के यहां काम करता था। दो माह पूर्व उसे काम पर से हटा दिया गया था। उसका कहना था कि उसका मेहनताना रोक लिया गया और उसके साथ गाली-गलौज की गई। इससे वह काफी आहत था और व्यवसायी को सबक सिखाना चाहता था।

इसके लिए अपने मित्र जितेंद्र रजक के जरिए विकास कुमार पुत्र नंदू रजक निवासी कल्याणपुर थाना गढ़वा से मिलकर लूट की योजना बनाई और वसूली के लिए जाने वाले कर्मचारी तारीक को बहाने से अपने यहां बुलाकर उसकी पहचान करा दी। इसके बाद छह अप्रैल को ही तीनों ने एक बाइक पर सवार होकर लूट का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हुए। इसके बाद दोबारा 13 अप्रैल को लूट का प्रयास किए, जिसमें वह सफल हो गए। लूटी गई रकम में से सत्येंद्र को 50 हजार, जितेंद्र को 20 हजार मिले। शेष रकम विकास ने रख लिया।


एएसपी ने पत्र प्रतिनिधियों को बताया कि पकड़े गए आरोपियों के पास से लूटी गई रकम में से 35 हजार रुपये की बरामदगी भी हुई है। शेष की बरामदगी और लूट की घटना को अंजाम देने वाले विकास की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। घटना में प्रयुक्त बाइक और दो मोबाइल सेट भी बरामद किए गए हैं। तीनों अंतर्राज्यीय अपराधी है, जिनके आपराधिक रिकर्ड के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। कामयाबी पाने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक कोन रमेश यादव, एसओजी-सर्विलांस प्रभारी ज्ञानेंद्र सिंह, स्वाट टीम प्रभारी शशिभूषण, विंढमगंज थाने के एसआई अरशद सहित अन्य शामिल रहे।




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