Friday, June 21, 2024
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उत्तर प्रदेश पुलिस से सुप्रीम कोर्ट ने 183 मुठभेड़ों की मांगी रिपोर्ट ,अतीक अहमद की पुलिस कस्टडी में हत्या पर कहा कि यह किसी की हैं मिलीभगत

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कोर्ट ने गैंगस्टर अतीक अहमद की बहन आयशा नूरी की याचिका पर यूपी सरकार को नोटिस भी जारी किया , जिसमें अपने भाइयों की हत्या की व्यापक जांच के लिए निर्देश देने की मांग की गई है ।

नई दिल्ली । Supreme court । सुप्रीम कोर्ट ने विगत 15 अप्रैल को प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की पुलिस हिरासत में हुई हत्या पर उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार लगाई है। इसके अलावा कोर्ट ने कहा कि इसमें किसी की मिलीभगत है।

पुलिस से मांगी गई एनकाउंटर पर रिपोर्ट

इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने योगी सरकार से 2017 के बाद से हुई 183 पुलिस मुठभेड़ों पर रिपोर्ट भी मांगी है। पुलिस के अनुसार मार्च 2017 में योगी आदित्यनाथ सरकार के सत्ता संभालने के बाद से पुलिस मुठभेड़ों में 183 लोग मारे गए हैं। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विरोधी दावा करते हैं कि उनमें से कई मुठभेड़ फर्जी थे।

न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट्ट और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार को छह सप्ताह के भीतर एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। इसमें पुलिस मुठभेड़ों का विवरण, जांच की स्थिति, दायर चार्जशीट और मुकदमे की स्थिति का विवरण मांगा गया है।

किसी की मिलीभगत हो सकती: सुप्रीम कोर्ट

कोर्ट ने कहा, “5 से 10 लोग उसकी (अतीक) सुरक्षा कर रहे थे। कोई कैसे आ सकता है और गोली मार सकता है? यह कैसे होता है? इसमें किसी की मिलीभगत है।”

यूपी सरकार को जारी किया गया नोटिस

कोर्ट ने गैंगस्टर अतीक अहमद की बहन आयशा नूरी की याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस भी जारी किया, जिसमें अपने भाइयों की हत्या की व्यापक जांच के लिए निर्देश देने की मांग की गई है।

हालांकि अदालत ने पुलिस मुठभेड़ों और इनमें पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच के लिए एक स्वतंत्र न्यायिक जांच आयोग गठित करने के जनहित याचिका याचिकाकर्ता विशाल तिवारी के अनुरोध को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार पहले ही इस तरह का एक आयोग बना चुकी है।

सुप्रीम कोर्ट पहले उन याचिकाओं पर सुनवाई करने के लिए सहमत हो गया था, जिनमें आयशा नूरी द्वारा दायर याचिका भी शामिल थी, जिसमें अपने भाइयों की हत्या के मामले में एक सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच आयोग के गठन की मांग की गई थी।

15 अप्रैल को हुई थी अतीक और अशरफ की हत्या

60 वर्षीय अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को vi15 अप्रैल को मीडिया से बातचीत के दौरान खुद को पत्रकार बताने वाले तीन लोगों ने बहुत करीब से गोली मार दी थी। पुलिसकर्मी उन्हें जांच के लिए मेडिकल कॉलेज ले जा रहे थे, तब ये घटना हुई थी।

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